नुक़्ते वाले और बिना नुक़्ते वाले (5): ज और ज़..

उर्दू वर्णमाला में कुछ ऐसे अक्षर हैं जिनके बारे में अक्सर हिंदी भाषी कुछ परेशान से रहते हैं और उसका सही उच्चारण करना उनके लिए मुश्किल हो जाता है. इन अक्षर (उर्दू में अक्षर को हर्फ़ कहते हैं) की बात करें तो ये फ़,क़, ख़, ग़, और ज़ हैं. असल में इन अक्षरों को बोलने में परेशानी की वजह ये है कि बिलकुल इन्हीं की तरह के अक्षर और भी होते हैं. वो हैं फ, क,ख, ग, और ज. इन सभी में नीचे बिंदी नहीं लगी है बाक़ी इनके लिखने का तरीक़ा बिलकुल एक ही है. लोग अक्सर इसको लेकर परेशान हो जाते हैं कि कौन से लफ़्ज़ में फ और कौन से में फ़ या कौन से में क़ है या क. आज हम “ज” और “ज़” वाले कुछ शब्दों की लिस्ट आपके सामने पेश कर रहे हैं.

ज- ج – J

जंगल, जंगम ( सक्रिय), जंगावर (योद्धा), जंजाल (भूलभुलैया, भ्रम) जंतु (जानवर, जीव) जंबुक (लोमड़ी), जकड़न, जग, जगमग(चमकदार) जगख्यात- (प्रसिद्ध), जगदीप( सूर्य), जगह, जगाना, जागना, जटा(उलझे-चिपके हुए बाल), जटिल, जठर(पेट), जड़, जड़ीबूटी, जामुन, जनन, जननी(माँ), जनक, जन(जनता) जनजाति , जनतंत्र, जन्म, जबड़ा, जमाव, जमावड़ा(भीड़), जयंत (विजेता), जानकारी, जाली, जिज्ञासा(उत्सुकता), जीर्ण (कमज़ोर), जीभ, जुगनू, जुआ,जुड़ाव( लगाव, समागम), जुदाई( वियोग), जुलाहा (बुनकर), जूही, जुड़ा, जेब(पॉकेट),जबीन (माथा), जल्दी, जंग, जज़ा (अच्छे काम का बदला),जफ़ा (अन्याय), जन्नत, जलसा (सभा, मजलिस), जवान, जवां, जल्लाद, जलाल (प्रताप, अज़मत), जवाब, जवाबदेह (जवाब देने वाला), जहालत, जहाँ, जाएदाद, जानमाज़(नमाज़ पढ़ने की दरी), जिगर, जू (नदी), जादूगर, जानाँ, जानवर, जान, जानदार, जाँनिसार, जहाज़, जहाज़रानी (जहाज़ चलाने का काम), जश्न, जदीद (नया), जनाज़ा, जनाब, जमा’अत, जाली, जिन्सीयत (नर या मादा होना, जातीयत, क़ौमीयत),  जज़्ब, जज़्बात(भाव), जाँबाज़ी, जहाज़,

ज़- ز or ض -Z

ज़ख़ीरा( भंडार, संसाधन), ज़ख़ीरेदार(जमाखोर), जज़ीरा( द्वीप), ज़बान, ज़बानदराज़ी( मुँहज़ोरी), ज़बरदस्ती, ज़ब्त(संयम), ज़िक्र, ज़िम्मा, ज़िम्मेदार, ज़ुकाम, ज़ेब (शृंगार), ज़्यादा, ज़मीन, ज़र्द,ज़ख़्म,ज़ख़्मी, ज़फ़र (जीत), ज़हीन,ज़हानत, ज़ाहिर,ज़ाहिद, ज़ानू (घुटना), ज़िक्र,ज़ुल्म, ज़ेबा (सुन्दर), ज़ैतून, ज़ोर, ज़ाएक़ा, ज़ाएक़ा-पसंद, ज़हाब (जाना, गुज्ज़रना), ज़वाल (पतन), ज़ाहिरपरस्त (जो ऊपरी दिखावे पर मरता हो),ज़िन्दगी, ज़िन्दां (कारागार, क़ैदख़ाना), ज़िनाँ (परायी स्त्री या पुरुष से शारीरिक सम्बन्ध रखना),ज़रूर, ज़रूरतमंद,

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