घनी कहानी, छोटी शाखा: मुंशी प्रेमचंद की ‘ईदगाह’ का अंतिम भाग..

Shayari Mein Wazn Premchand Ki Kahani Eidgah Munshi Premchand Ki Eidgah Premchand Eidgaah Eidgah Kahani Hindi Ki Pahli Kahani

ईदगाह (मुंशी प्रेमचंद) Eidgah Kahani घनी कहानी, छोटी शाखा(1): मुंशी प्रेमचंद की ‘ईदगाह’ का पहला भाग.. घनी कहानी, छोटी शाखा: मुंशी प्रेमचंद की ‘ईदगाह’ का दूसरा भाग.. घनी कहानी, छोटी शाखा: मुंशी प्रेमचंद की ‘ईदगाह’ का तीसरा भाग.. घनी कहानी, छोटी शाखा: मुंशी प्रेमचंद की ‘ईदगाह’ का चौथा भाग.. भाग-पाँच (अब तक आपने पढ़ा। गाँव … Read more

घनी कहानी, छोटी शाखा: मुंशी प्रेमचंद की ‘ईदगाह’ का चौथा भाग..

Shayari Mein Wazn Premchand Ki Kahani Eidgah Munshi Premchand Ki Eidgah Premchand Eidgaah Eidgah Kahani Hindi Ki Pahli Kahani

ईदगाह (मुंशी प्रेमचंद) Premchand Ki Kahani Eidgah भाग -चार घनी कहानी, छोटी शाखा(1): मुंशी प्रेमचंद की ‘ईदगाह’ का पहला भाग.. घनी कहानी, छोटी शाखा: मुंशी प्रेमचंद की ‘ईदगाह’ का दूसरा भाग.. घनी कहानी, छोटी शाखा: मुंशी प्रेमचंद की ‘ईदगाह’ का तीसरा भाग.. (अब तक आपने पढ़ा..हामिद अपने दोस्तों और कुछ बड़ों के साथ अपनी दादी … Read more

घनी कहानी, छोटी शाखा: मुंशी प्रेमचंद की ‘ईदगाह’ का तीसरा भाग..

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ईदगाह (मुंशी प्रेमचंद) Premchand Eidgaah भाग -तीन घनी कहानी, छोटी शाखा(1): मुंशी प्रेमचंद की ‘ईदगाह’ का पहला भाग.. घनी कहानी, छोटी शाखा: मुंशी प्रेमचंद की ‘ईदगाह’ का दूसरा भाग.. (इससे पहले आपने पढ़ा हामिद, जो अपनी दादी अमीना के साथ गाँव में रहता है, ईद के मौक़े पर सिर्फ़ तीन पैसे साथ लिए अपने दोस्तों … Read more

घनी कहानी, छोटी शाखा: मुंशी प्रेमचंद की ‘ईदगाह’ का दूसरा भाग..

Shayari Mein Wazn Premchand Ki Kahani Eidgah Munshi Premchand Ki Eidgah Premchand Eidgaah Eidgah Kahani Hindi Ki Pahli Kahani

ईदगाह (मुंशी प्रेमचंद) Munshi Premchand Ki Eidgah घनी कहानी, छोटी शाखा(1): मुंशी प्रेमचंद की ‘ईदगाह’ का पहला भाग.. भाग -दो (पहले भाग में आपने पढ़ा, चार-पाँच साल का बिन माँ-बाप का बच्चा हामिद अपनी दादी अमीना के साथ गाँव में रहता है। अपने माँ-बाप की मौत से अनजान हामिद पिता के जल्द रुपये कमाकर लौटने … Read more

घनी कहानी, छोटी शाखा(1): मुंशी प्रेमचंद की ‘ईदगाह’ का पहला भाग..

Eidgah Premchand

ईदगाह (मुंशी प्रेमचंद) ~ Eidgah Premchand भाग -एक रमज़ान के पूरे तीस रोज़ों के बाद ईद आयी है। कितना मनोहर, कितना सुहावना प्रभाव है। वृक्षों पर अजीब हरियाली है, खेतों में कुछ अजीब रौनक है, आसमान पर कुछ अजीब लालिमा है। आज का सूर्य देखो, कितना प्यारा, कितना शीतल है, यानी संसार को ईद की … Read more