मैं ख़याल हूँ किसी और का मुझे सोचता कोई और है – सलीम कौसर
मैं ख़याल हूँ किसी और का मुझे सोचता कोई और है सर-ए-आईना मिरा अक्स है पस-ए-आईना कोई और है मैं…
सफ़र के वक़्त – जौन एलिया
तुम्हारी याद मिरे दिल का दाग़ है लेकिन सफ़र के वक़्त तो बे-तरह याद आती हो बरस बरस की हो…
उर्दू शायरी और शब्द: हालातों, जज़्बातों, अल्फ़ाज़ों ग़लत क्यूँ?
अक्सर हम देखते हैं कि सोशल मीडिया पर हमें ऐसे लेख पढ़ने को मिल जाते हैं जिनमें “हालातों”, “जज़्बातों” या…
ठानी थी दिल में अब न मिलेंगे किसी से हम – मोमिन ख़ाँ मोमिन
ठानी थी दिल में अब न मिलेंगे किसी से हम पर क्या करें कि हो गए नाचार जी से हम…
अब इतनी सादगी लाएँ कहाँ से – परवीन शाकिर
अब इतनी सादगी लाएँ कहाँ से ज़मीं की ख़ैर माँगें आसमाँ से अगर चाहें तो वो दीवार कर दें हमें…
दिल धड़कने का सबब याद आया – नासिर काज़मी
दिल धड़कने का सबब याद आया वो तिरी याद थी अब याद आया आज मुश्किल था सँभलना ऐ दोस्त तू…
भली सी एक शक्ल थी – अहमद फ़राज़
भले दिनों की बात है भली सी एक शक्ल थी न ये कि हुस्न-ए-ताम हो न देखने में आम सी…
तेरी ख़ुश्बू का पता करती है – परवीन शाकिर की ग़ज़ल
तेरी ख़ुश्बू का पता करती है मुझ पे एहसान हवा करती है चूम कर फूल को आहिस्ता से मो’जिज़ा बाद-ए-सबा…
तीसरी क़सम – फणीश्वरनाथ रेणु
हिरामन गाड़ीवान की पीठ में गुदगुदी लगती है पिछले बीस साल से गाड़ी हाँकता है हिरामन। बैलगाड़ी। सीमा के उस…
मन बहुत सोचता है – अज्ञेय
मन बहुत सोचता है कि उदास न हो पर उदासी के बिना रहा कैसे जाए? शहर के दूर के तनाव-दबाव…