राजेश रेडी के बेहतरीन शेर
दिल भी इक ज़िद पे अड़ा है किसी बच्चे की तरह या तो सब कुछ ही इसे चाहिए या कुछ...
दिल भी इक ज़िद पे अड़ा है किसी बच्चे की तरह या तो सब कुछ ही इसे चाहिए या कुछ...
झुकी झुकी सी नज़र बे-क़रार है कि नहीं दबा दबा सा सही दिल में प्यार है कि नहीं तू अपने...
सादगी तो हमारी ज़रा देखिए ए'तिबार आप के वा'दे पर कर लिया बात तो सिर्फ़ इक रात की थी मगर...
जितना देखो उसे थकती नहीं आँखें वर्ना ख़त्म हो जाता है हर हुस्न कहानी की तरह __ ज़ख़्म ही तेरा...
अभी हैं क़ुर्ब के कुछ और मरहले बाक़ी कि तुझको पा के हमें फिर तिरी तमन्ना है _______ छोटी पड़ती...
उनका अंतिम धनुष (His Last Bow in Hindi) - आर्थर कॉनन डॉयल 2 अगस्त की रात के नौ बजे...
Bashir Badr Shayari यूँही बे-सबब न फिरा करो कोई शाम घर में रहा करो वो ग़ज़ल की सच्ची किताब है...
Amjad Islam Amjad Shayari चेहरे पे मिरे ज़ुल्फ़ को फैलाओ किसी दिन क्या रोज़ गरजते हो बरस जाओ किसी दिन...
Anjum Rahbar Shayari आग बहते हुए पानी में लगाने आई तेरे ख़त आज मैं दरिया में बहाने आई फिर तिरी...
यूँही बे-सबब न फिरा करो कोई शाम घर में रहा करो वो ग़ज़ल की सच्ची किताब है उसे चुपके-चुपके पढ़ा...