तू किसी रोज़ मेरे घर में उतर शाम के बाद – फ़रहत अब्बास शाह
तूने देखा है कभी एक नज़र शाम के बाद कितने चुपचाप से लगते हैं शजर शाम के बाद तू है...
तूने देखा है कभी एक नज़र शाम के बाद कितने चुपचाप से लगते हैं शजर शाम के बाद तू है...
अहमद सलमान आधुनिक उर्दू शायरी के महत्वपूर्ण शायरों में शामिल हैं। उनकी शायरी में समाज, राजनीति, इंसानी रिश्तों, अकेलेपन और...
इश्क़ और मुहब्बत इंसानी जज़्बात में सबसे ख़ूबसूरत एहसासों में शामिल हैं। उर्दू शायरी ने सदियों से मुहब्बत, चाहत, इंतज़ार,...
"8 साल हो गए मेरी इस नौकरी को, 8 साल...क्या मिला? कुछ महीनों के ख़र्च के रुपए और कुछ उम्मीदें,...
मैं ख़याल हूँ किसी और का मुझे सोचता कोई और है सर-ए-आईना मिरा अक्स है पस-ए-आईना कोई और है मैं...
Safar Ke Waqt Jaun Elia तुम्हारी याद मिरे दिल का दाग़ है लेकिन सफ़र के वक़्त तो बे-तरह याद आती...
अक्सर हम देखते हैं कि सोशल मीडिया पर हमें ऐसे लेख पढ़ने को मिल जाते हैं जिनमें "हालातों", "जज़्बातों" या...
ठानी थी दिल में अब न मिलेंगे किसी से हम पर क्या करें कि हो गए नाचार जी से हम...
अब इतनी सादगी लाएँ कहाँ से ज़मीं की ख़ैर माँगें आसमाँ से अगर चाहें तो वो दीवार कर दें हमें...
दिल धड़कने का सबब याद आया वो तिरी याद थी अब याद आया आज मुश्किल था सँभलना ऐ दोस्त तू...