विनोद कुमार शुक्ल की कविताएं
Vinod Kumar Shukla Poems 1. हताशा से एक व्यक्ति बैठ गया था व्यक्ति को मैं नहीं जानता था हताशा को…
दाग़ देहलवी के मशहूर शेर..
Daagh Dehlvi Shayari दाग़ देहलवी उर्दू के उस्ताद शाइरों में शुमार किए जाते हैं. नवाब मिर्ज़ा ख़ान (25 मई 1831…
मुझसे पहली सी मुहब्बत मिरी महबूब न माँग
Mujhse Pahli Si Muhabbat मुझसे पहली सी मुहब्बत मिरी महबूब न माँग मैंने समझा था कि तू है तो दरख़्शाँ…
दिल को छू लेने वाले ख़ूबसूरत शेर..
Deep Shayari हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी कि हर ख़्वाहिश पे दम निकले, बहुत निकले मिरे अरमान लेकिन फिर भी कम निकले…
अब के हम बिछड़े तो शायद कभी ख़्वाबों में मिलें
Ab Ke Hum Bichhde To Shayad Kabhi Khwaabon mein Milen.. अब के हम बिछड़े तो शायद कभी ख़्वाबों में मिलें…
लाई हयात आए क़ज़ा ले चली चले – ज़ौक़
Laayi Hayaat Aaye Qaza Le Chali Chale ——- लाई हयात आए क़ज़ा ले चली चले अपनी ख़ुशी न आए न…
तसव्वुर – कैफ़ी आज़मी
Tasavvur Kaifi Azmi ये किस तरह याद आ रही हो ये ख़्वाब कैसा दिखा रही हो कि जैसे सच-मुच निगाह…
ऐसा हो सकता है तुम आ जाओ..
Aisa Ho Sakta Hai Tum Aa Jao ऐसा हो सकता है तुम आ जाओ इस नयी रात की ख़मोशी में,…
अभी तो मैं जवान हूँ – हफ़ीज़ जालंधरी
Abhi to main jawan hoon – Hafeez Jalandhari हवा भी ख़ुश-गवार है गुलों पे भी निखार है तरन्नुम-ए-हज़ार है बहार…
मादाम – साहिर लुधियानवी
Madam Sahir Ludhiyanwi नोट – उर्दू में “मैडम” को “मादाम” भी कहा जाता है। आप बे-वज्ह परेशान सी क्यूँ हैं…