तू किसी रोज़ मेरे घर में उतर शाम के बाद – फ़रहत अब्बास शाह
तूने देखा है कभी एक नज़र शाम के बाद कितने चुपचाप से लगते हैं शजर शाम के बाद तू है…
हिन्दी और उर्दू साहित्य का संगम
Sher ~ साहित्य दुनिया के ज़रिए कोशिश ये है कि लोगों की रूचि साहित्य और भाषा में बढ़े। ये साहित्य और भाषा से जुड़ी बातों को बड़े-बड़े और गम्भीर वाक्यों से न समझाकर उसे सरल, बोलचाल की भाषा में आम जन तक पहुँचाने का प्रयास है।
शायद यही कारण है कि साहित्य दुनिया को कम समय में ही पाठकों का ढेर सारा प्यार मिला है और लगातार मिल रहा है. साहित्य दुनिया की शुरुआत सोशल मीडिया से हुई लेकिन जल्द ही साहित्य दुनिया ने मुंबई में अपनी वर्कशॉप और परिचर्चा आदि भी शुरू की है। ये एक ऐसा सिलसिला है जो अभी भी जारी है और इसे आगे बढ़ाने के लिए हम प्रयासरत हैं।
इस कैटेगॉरी में हम अलग-अलग शायरों की और अलग अलग टॉपिक्स पर बेहतरीन शायरी साझा करेंगे। ~ Sher
तूने देखा है कभी एक नज़र शाम के बाद कितने चुपचाप से लगते हैं शजर शाम के बाद तू है…
Ahmad Salman Shayari जो हम पे गुज़रे थे रंज सारे जो ख़ुद पे गुज़रे तो लोग समझे जब अपनी अपनी…
ये ज़ाफ़रानी पुलोवर उसी का हिस्सा है, कोई जो दूसरा पहने तो दूसरा ही लगे बशीर बद्र —— उजाले अपनी…
Phir usi rah guzaar par shaayad फिर उसी रहगुज़ार पर शायद हम कभी मिल सकें मगर शायद जिन के हम…
Mirza Jafar Ali Hasrat Sher मिर्ज़ा जाफ़र अली ‘हसरत’ लखनऊ के थे. वो रायस्वरुप सिंह ‘दीवाना’ के शिष्य थे. उन्होंने…
Daagh Dehlvi Shayari दाग़ देहलवी उर्दू के उस्ताद शाइरों में शुमार किए जाते हैं. नवाब मिर्ज़ा ख़ान (25 मई 1831…
Deep Shayari हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी कि हर ख़्वाहिश पे दम निकले, बहुत निकले मिरे अरमान लेकिन फिर भी कम निकले…
तू मयस्सर था तो दिल में थे हज़ारों अरमाँ तू नहीं है तो हर इक सम्त अजब रंग-ए-मलाल दिल तुझे…
Ahmad Salman Best Sher जो हम पे गुज़रे थे रंज सारे जो ख़ुद पे गुज़रे तो लोग समझे जब अपनी…
Best Urdu Shayari 1. वो बेदर्दी से सर काटें ‘अमीर’ और मैं कहूँ उनसे, हुज़ूर आहिस्ता आहिस्ता जनाब आहिस्ता आहिस्ता…