घनी कहानी, छोटी शाखा: मुंशी प्रेमचंद की कहानी “ढपोरशंख” का चौथा भाग

Munshi Premchand ki Dhaporshankh

ढपोरशंख- मुंशी प्रेमचंद भाग-4 Munshi Premchand ki Dhaporshankh(अब तक आपने पढ़ा…लेखक अपने एक मित्र के यहाँ आए हैं जिन्हें वो ढपोरशंख कहकर बुलाते हैं। इस मित्र के यहाँ आने पर उन्हें ढेर सारी चिट्ठियाँ मिलती हैं, जिसके बारे में पूछने पर पता चलता है कि वो उन्हें एक नए मित्र करुणाकर ने लिखी हैं। इस … Read more