Month: December 2018

घनी कहानी, छोटी शाखा: रवीन्द्र नाथ टैगोर की कहानी ‘पत्नी का पत्र’ का दूसरा भाग

15 साल तक एक साथ रहने की वजह से पत्नी ने कभी पति के नाम कोई चिट्ठी न लिखी, अब...

घनी कहानी, छोटी शाखा: रवीन्द्र नाथ टैगोर की कहानी ‘पत्नी का पत्र’ का पहला भाग

श्रीचरणकमलेषु, आज हमारे विवाह को पंद्रह वर्ष हो गए, लेकिन अभी तक मैंने कभी तुमको चिट्ठी न लिखी। सदा तुम्हारे...

मन्नू भंडारी का उपन्यास ‘आपका बंटी’: पुस्तक समीक्षा

‘आपका बंटी’ मन्नू भंडारी का चर्चित उपन्यास है, जिसमें एक टूटते हुए परिवार के बीच बच्चे के मन पर पड़ने...

मैक्सिम गोर्की की कहानी ‘कोलुशा’ का अंतिम भाग

Maxim Gorky Hindi Kolusha अब तक आपने पढ़ा- एक क़ब्र के पास बैठी औरत को देख कर लेखक के मन...