July 2, 2026

Year: 2018

घनी कहानी, छोटी शाखा: रवीन्द्र नाथ टैगोर की कहानी ‘पत्नी का पत्र’ का दूसरा भाग

15 साल तक एक साथ रहने की वजह से पत्नी ने कभी पति के नाम कोई चिट्ठी न लिखी, अब...

घनी कहानी, छोटी शाखा: रवीन्द्र नाथ टैगोर की कहानी ‘पत्नी का पत्र’ का पहला भाग

श्रीचरणकमलेषु, आज हमारे विवाह को पंद्रह वर्ष हो गए, लेकिन अभी तक मैंने कभी तुमको चिट्ठी न लिखी। सदा तुम्हारे...

‘आपका बंटी’- मन्नू भंडारी (समीक्षा)

Aapka Bunty Review ~ "बस चली तो सबके बीच हँसते-बतियाते उसे ऐसा लगा जैसे सारे दिन ख़ूब सारी पढ़ाई करके घर...

मैक्सिम गोर्की की कहानी ‘कोलुशा’ का अंतिम भाग

Maxim Gorky Hindi Kolusha अब तक आपने पढ़ा- एक क़ब्र के पास बैठी औरत को देख कर लेखक के मन...

मैक्सिम गोर्की की कहानी ‘कोलुशा’ का पहला भाग

Maxim Gorky Hindi Kahani : क़ब्रिस्तान का वह कोना, जहाँ भिखारी दफ़नाये जाते हैं। पत्तों से छितरे, बारिश से बहे...

घनी कहानी, छोटी शाखा: रवीन्द्रनाथ टैगोर की ‘अनाथ’ का अंतिम भाग

आपने अब तक पढ़ा कि शशिकला अपने पति से बहुत स्नेह करती है. उसकी कम उम्र में जयगोपाल बाबू से...

घनी कहानी, छोटी शाखा: रवीन्द्रनाथ टैगोर की ‘अनाथ’ का तीसरा भाग

आपने अब तक पढ़ा कि शशिकला अपने पति से बहुत स्नेह करती है. उसकी कम उम्र में जयगोपाल बाबू से...

घनी कहानी, छोटी शाखा: रवीन्द्रनाथ टैगोर की ‘अनाथ’ का दूसरा भाग

पड़ोसन के मुँह से किसी और स्त्री के पति की बुराई भी शशिकला को अच्छी न लगी. वो इस बात...

घनी कहानी, छोटी शाखा: रवीन्द्रनाथ टैगोर की ‘अनाथ’ का प्रथम भाग

गांव की किसी एक अभागिनी के अत्याचारी पति के तिरस्कृत कर्मों की पूरी व्याख्या करने के बाद पड़ोसिन तारामती ने...