मुनीर नियाज़ी के बेहतरीन शेर
Munir Niazi Shayari ~ 1. शहर की गलियों में गहरी तीरगी गिर्यां रही रात बादल इस तरह आए कि मैं...
Munir Niazi Shayari ~ 1. शहर की गलियों में गहरी तीरगी गिर्यां रही रात बादल इस तरह आए कि मैं...
Sahir Ludhianvi Shayari 1. तेरा मिलना ख़ुशी की बात सही तुझ से मिल कर उदास रहता हूँ 2. कोई तो...
Breakup shayari ~ वो जो हम में तुम में क़रार था तुम्हें याद हो कि न याद हो वही या'नी...
Kamar Best Shayari बुरा क्या है बाँधो अगर तेग़-ओ-ख़ंजर मगर पहले अपनी कमर देख लेना जलील मानिकपूरी برا کیا ہے...