बारिश हुई तो फूलों के तन चाक हो गए – परवीन शाकिर
बारिश हुई तो फूलों के तन चाक हो गए मौसम के हाथ भीग के सफ़्फ़ाक हो गए बादल को क्या ख़बर है कि बारिश की चाह में कैसे बुलंद-ओ-बाला शजर ख़ाक हो गए जुगनू को दिन के वक़्त परखने की ज़िद करें बच्चे हमारे अहद के चालाक हो गए लहरा रही है बर्फ़ की चादर … Read more