ग़ज़ल शायरी साहित्य दुनिया दो शा’इर, दो ग़ज़लें (9): मुनीर नियाज़ी और अमीर मीनाई…. साहित्य दुनिया April 21, 2018 0 मुनीर नियाज़ी की ग़ज़ल: ज़िंदा रहें तो क्या है जो मर जाएँ हम तो क्या (Zinda Rahen To Kya Mar... Read MoreRead more about दो शा’इर, दो ग़ज़लें (9): मुनीर नियाज़ी और अमीर मीनाई….