ग़ज़ल शायरी मजाज़ की ग़ज़ल: “जिगर और दिल को बचाना भी है” साहित्य दुनिया May 16, 2018 0 Jigar aur dil ko bachana जिगर और दिल को बचाना भी है, नज़र आप ही से मिलाना भी है मुहब्बत... Read MoreRead more about मजाज़ की ग़ज़ल: “जिगर और दिल को बचाना भी है”