ग़ज़ल शायरी तुझसे अब और मुहब्बत नहीं की जा सकती साहित्य दुनिया March 2, 2018 0 Noshi Gilani Shayari तुझसे अब और मुहब्बत नहीं की जा सकती, ख़ुद को इतनी भी अज़ीयत नहीं दी जा सकती... Read MoreRead more about तुझसे अब और मुहब्बत नहीं की जा सकती