Noshi Gilani Shayari

तुझसे अब और मुहब्बत नहीं की जा सकती

Noshi Gilani Shayari तुझसे अब और मुहब्बत नहीं की जा सकती, ख़ुद को इतनी भी अज़ीयत नहीं दी जा सकती...