Sahitya

‘आपका बंटी’- मन्नू भंडारी (समीक्षा)

Aapka Bunty Review ~ "बस चली तो सबके बीच हँसते-बतियाते उसे ऐसा लगा जैसे सारे दिन ख़ूब सारी पढ़ाई करके घर...

घनी कहानी, छोटी शाखा- जयशंकर प्रसाद की कहानी ‘अघोरी का मोह’ का पहला भाग

अघोरी का मोह (Aghori Ka Moh) (जयशंकर प्रसाद) भाग-1 “आज तो भैया, मूँग की बरफी खाने को जी नहीं चाहता,...

तुझसे अब और मुहब्बत नहीं की जा सकती

Noshi Gilani Shayari तुझसे अब और मुहब्बत नहीं की जा सकती, ख़ुद को इतनी भी अज़ीयत नहीं दी जा सकती...