आज की कहानी: मर्याना, हैरत और कोक्स्टर (भाग-1)

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ननकू के क़िस्से: रॉकी चाचा का मास्टर प्लान

राखी बुआ का चीकू और रसगुल्ला से डर जाना घर भर में चर्चा का विषय रहा. सभी लोगों ने इस पर राखी बुआ से हँसी-मज़ाक़ किया वहीं ननकू अभी तक ये समझ नहीं पा रहा था कि आख़िर राखी बुआ …

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घनी कहानी, छोटी शाखा: मुंशी प्रेमचंद की कहानी “ढपोरशंख” का अंतिम भाग

ढपोरशंख- मुंशी प्रेमचंद भाग-7 (अब तक आपने पढ़ा…लेखक यहाँ अपने एक मित्र ढपोरशंख की कहानी सुना रहे हैं। ढपोरशंख ने जब लेखक को अपने एक दोस्त के विषय में बताया तो उनकी पत्नी ने उस दोस्त करुणाकर को धोखेबाज़ कहा …

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घनी कहानी, छोटी शाखा: मुंशी प्रेमचंद की कहानी “ढपोरशंख” का पाँचवाँ भाग

ढपोरशंख- मुंशी प्रेमचंद भाग-5 (अब तक आपने पढ़ा…लेखक यहाँ अपने एक मित्र ढपोरशंख की कहानी सुना रहे हैं। ढपोरशंख ने जब लेखक को अपने एक दोस्त के विषय में बताया तो उनकी पत्नी ने उस दोस्त करुणाकर को धोखेबाज़ कहा …

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घनी कहानी, छोटी शाखा: मुंशी प्रेमचंद की कहानी “ढपोरशंख” का चौथा भाग

ढपोरशंख- मुंशी प्रेमचंद भाग-4 (अब तक आपने पढ़ा…लेखक अपने एक मित्र के यहाँ आए हैं जिन्हें वो ढपोरशंख कहकर बुलाते हैं। इस मित्र के यहाँ आने पर उन्हें ढेर सारी चिट्ठियाँ मिलती हैं, जिसके बारे में पूछने पर पता चलता …

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घनी कहानी, छोटी शाखा: मुंशी प्रेमचंद की कहानी “ढपोरशंख” का दूसरा भाग

ढपोरशंख- मुंशी प्रेमचंद  भाग-2 (अब तक आपने पढ़ा…लेखक अपने मित्र के बारे में बताते हैं जिन्हें वो रत्न मानते हैं लेकिन ढपोरशंख कहकर बुलाते हैं क्योंकि उनके मित्र भले ही अभावों में रह लें लेकिन न किसी के सामने हाथ …

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घनी कहानी, छोटी शाखा: मुंशी प्रेमचंद की कहानी “ढपोरशंख” का पहला भाग

ढपोरशंख- मुंशी प्रेमचंद  भाग-1  मुरादाबाद में मेरे एक पुराने मित्र हैं, जिन्हें दिल में तो मैं एक रत्न समझता हूँ पर पुकारता हूँ ढपोरशंख कहकर और वह बुरा भी नहीं मानते। ईश्वर ने उन्हें जितना ह्रदय दिया है, उसकी आधी …

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घनी कहानी छोटी शाखा: सत्यजीत रे की कहानी “कॉर्वस” का अंतिम भाग

कॉर्वस- सत्यजीत रे भाग- 6 (अब तक आपने पढ़ा…इस कहानी में हमें लेखक सत्यजीत रे ने एक वैज्ञानिक श्रीमान शोंकू की डायरी की बातें हमें पढ़ रहे हैं। वैज्ञानिक शोंकू को बचपन से ही पक्षियों में काफ़ी रुचि रही है …

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घनी कहानी छोटी शाखा: सत्यजीत रे की कहानी “कॉर्वस” का पाँचवाँ भाग

कॉर्वस- सत्यजीत रे भाग- 5 (अब तक आपने पढ़ा…इस कहानी में हम एक वैज्ञानिक श्रीमान शोंकू की डायरी की बातें पढ़ रहे हैं। जिससे हमें पता चलता है कि श्रीमान शोंकू को बचपन से ही पक्षियों और उनकी विलक्षण प्रतिभाओं …

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घनी कहानी छोटी शाखा: सत्यजीत रे की कहानी “कॉर्वस” का चौथा भाग

कॉर्वस- सत्यजीत रे भाग- 4 (अब तक आपने पढ़ा…सत्यजीत रे की इस कहानी में हम एक वैज्ञानिक की डायरी की प्रविष्टियाँ पढ़ रहे हैं। जिसमें वैज्ञानिक यानी श्रीमान शोंकू बचपन से ही पक्षियों के गुणों से प्रभावित हैं और वो …

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