July 3, 2026

Month: March 2025

अहमद कमाल परवाज़ी के बेहतरीन शेर..

Ahmad Kamal Parwazi Best Sher वो अब तिजारती पहलू निकाल लेता है मैं कुछ कहूँ तो तराज़ू निकाल लेता है...

ताज़ा मुहब्बतों का नशा जिस्म-ओ-जाँ में है – परवीन शाकिर

ताज़ा मुहब्बतों का नशा जिस्म-ओ-जाँ में है फिर मौसम-ए-बहार मिरे गुल्सिताँ में है इक ख़्वाब है कि बार-ए-दिगर देखते हैं...