भिखारिन – रबीन्द्रनाथ टैगोर

Bhikharin Rabindranath Tagore – अन्धी प्रतिदिन मन्दिर के दरवाजे पर जाकर खड़ी होती, दर्शन करने वाले बाहर निकलते तो वह अपना हाथ फैला देती और नम्रता से कहती- “बाबूजी, अन्धी पर दया हो जाए” वह जानती थी कि मन्दिर में आने वाले सहृदय और श्रध्दालु हुआ करते हैं। उसका यह अनुमान असत्य न था। आने-जाने … Read more

आम जीवन की सहज झलक देती है “वातायन”

Vatayan Review

Vatayan Review ~ किताब दुनिया में आज हम जिस किताब की बात करने वाले हैं वो किताब है लघु कहानी संग्रह वातायन। राजुल अशोक (Rajul Ashok) की इस किताब में कुल 15 कहानियाँ हैं। इन कहानियों में जहाँ आम जीवन की झलक मिलती है वहीं नाटकीय मोड़ से सभी कहानियाँ कोसों दूर हैं। कहानियों की … Read more