मख़दूम मुहिउद्दीन

दो शा’इर, दो नज़्में (2): मख़दूम और फै़ज़…

Makhdoom Aur Faiz Ki Nazm मख़दूम मुहिउद्दीन की नज़्म: "चारागर" इक चमेली के मंडवे-तले मय-कदे से ज़रा दूर उस मोड़...