ग़ज़ल शायरी शेर ताबिश देहलवी की शायरी साहित्य दुनिया June 25, 2026 0 अभी हैं क़ुर्ब के कुछ और मरहले बाक़ी कि तुझको पा के हमें फिर तिरी तमन्ना है _______ छोटी पड़ती... Read MoreRead more about ताबिश देहलवी की शायरी