राजेश रेडी के बेहतरीन शेर
दिल भी इक ज़िद पे अड़ा है किसी बच्चे की तरह या तो सब कुछ ही इसे चाहिए या कुछ...
दिल भी इक ज़िद पे अड़ा है किसी बच्चे की तरह या तो सब कुछ ही इसे चाहिए या कुछ...
झुकी झुकी सी नज़र बे-क़रार है कि नहीं दबा दबा सा सही दिल में प्यार है कि नहीं तू अपने...
सादगी तो हमारी ज़रा देखिए ए'तिबार आप के वा'दे पर कर लिया बात तो सिर्फ़ इक रात की थी मगर...