फ़िल्मों में आये फ़ेमस शेर

Famous Film Shayari ~ कश्तियाँ सब की किनारे पे पहुँच जाती हैं
नाख़ुदा जिन का नहीं उनका ख़ुदा होता है

~ अमीर मीनाई (फ़िल्म- जोरू का ग़ुलाम)

________

वो बात सारे फ़साने में जिसका ज़िक्र न था
वो बात उनको बहुत ना-गवार गुज़री है

~ फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

________

तुम्हें ग़ैरों से कब फ़ुर्सत हम अपने ग़म से कम ख़ाली
चलो बस हो चुका मिलना न तुम ख़ाली न हम ख़ाली

~ जाफ़र अली हसरत

_______

गर बाज़ी इश्क़ की बाज़ी है जो चाहो लगा दो डर कैसा
गर जीत गए तो क्या कहना हारे भी तो बाज़ी मात नहीं

~ फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ (ए दिल है मुश्किल)

_______

अब हवाएँ ही करेंगी रौशनी का फ़ैसला
जिस दिए में जान होगी वो दिया रह जाएगा

~ महशर बदायुनी

_________

सर जिसपे न झुक जाए उसे दर नहीं कहते
हर दर पे जो झुक जाए उसे सर नहीं कहते

~ बिस्मिल सईदी

______

कभी रस्ते में मिल जाओ तो कतराकर गुज़र जाना, हमें इस तरह तकना जैसे पहचाना नहीं तुमने
हमारा ज़िक्र जब आये तो यूँ अनजान बन जाना कि जैसे नाम सुन कर भी हमें जाना नहीं तुमनें

~ साहिर लुधियानवी (फ़िल्म – कभी कभी)

________

अब तो उतनी भी मयस्सर नहीं मय-ख़ाने में
जितनी हम छोड़ दिया करते थे पैमाने में

दिवाकर राही (फ़िल्म – शराबी)

______

ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले
ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है

~ अल्लामा इक़बाल

________

सख्तियों के झेलने को चाहिए पत्थर का दिल,
हाथ भर का हो कलेजा दिल लगाने के लिए…..

~ नामालूम (फ़िल्म – नसीब) Famous Film Shayari

फूल पर शायरी
मुहब्बत पर ख़ूबसूरत शेर
घर पर शायरी
Subah Shayari : सुबह पर ख़ूबसूरत शायरी

Leave a Comment