आईना क्यूँ न दूँ कि तमाशा कहें जिसे ~ मिर्ज़ा ग़ालिब

Aaina Kyun Na Doon Ke Tamasha KaheN jise - Mirza Ghalib आईना क्यूँ न दूँ कि तमाशा कहें जिसे ऐसा...

नामौज़ूंनियत, सुस्त बंदिश, बलाग़त और फ़साहत

Shayari Ki Zaroori Baaten आज हम आपको 'शाइरी की बातें' में चार ऐसे बिन्दुओं के बारे में बता रहे हैं...

याद करने के लिए महत्वपूर्ण बातें

Shayari Mein Wazn याद करने के लिए महत्वपूर्ण बातें-  अकेले अक्षर का वज़्न 1 एक जोड़े में दो अक्षरों का...

मोमिन की ग़ज़ल- “तुम मिरे पास होते हो गोया, जब कोई दूसरा नहीं होता”

Momin ki shayari असर उसको ज़रा नहीं होता रंज राहत-फ़ज़ा नहीं होता बेवफ़ा कहने की शिकायत है तो भी वादा-वफ़ा...

ओलम्पिक में फेंसिंग से भारत का नाम रौशन करने वाली पहली भारतीय महिला भवानी देवी

आज हम ओलम्पिक में तलवारबाज़ी में अपना अलग मुक़ाम बनाने वाली सी ए भवानी देवी की बात करने वाले हैं।...