आज की कहानी- तितलियाँ
Hindi Kahani Titliyan (यह कहानी साहित्य दुनिया टीम के सदस्य/ सदस्यों द्वारा लिखी गयी है और इस कहानी के सर्वाधिकार…
रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ…. अहमद फ़राज़
Ranjish Hi Sahi रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ आ फिर से मुझे छोड़ के जाने के…
सुना है लोग उसे आँख भर के देखते हैं… अहमद फ़राज़
Ahmad Faraz Ki Shayari सुना है लोग उसे आँख भर के देखते हैं सो उसके शहर में कुछ दिन ठहर…
इस उम्मीद पे रोज़ चराग़ जलाते हैं…ज़हरा निगाह
Zehra Nigah इस उम्मीद पे रोज़ चराग़ जलाते हैं आने वाले बरसों ब’अद भी आते हैं हमने जिस रस्ते पर…
कभी किसी को मुकम्मल जहाँ नहीं मिलता …. निदा फ़ाज़ली
Nida Fazli Ki Shayari कभी किसी को मुकम्मल जहाँ नहीं मिलता कहीं ज़मीन कहीं आसमाँ नहीं मिलता तमाम शहर में…
बात करनी मुझे मुश्किल कभी ऐसी तो न थी…. बहादुर शाह ज़फ़र
Bahadur Shah Zafar Shayari बात करनी मुझे मुश्किल कभी ऐसी तो न थी जैसी अब है तिरी महफ़िल कभी ऐसी…
इश्क़ में ग़ैरत-ए-जज़्बात ने रोने न दिया.. सुदर्शन फ़ाकिर
Sudarshan Fakir Shayari इश्क़ में ग़ैरत-ए-जज़्बात ने रोने न दिया वर्ना क्या बात थी किस बात ने रोने न दिया…
ष
‘ष’ wale shabd (ष से शुरू होने वाले शब्द) पढ़ने का तरीक़ा: शब्द (वज़्न) सभी अर्थ षंड(21)- साँड षंडाली(222)- तलैया…
ग़ज़ल में मक़ता क्या होता है?
मक़ता: ग़ज़ल का आख़िरी शे’र मक़ता कहलाता है.अक्सर इसमें शा’इर अपने तख़ल्लुस (pen name) का इस्तेमाल करता है. Ghazal Shayari…