ग़ज़ल शायरी मीर की ग़ज़ल- ‘देख तो दिल कि जाँ से उठता है’ साहित्य दुनिया April 3, 2022 0 Meer Ki Shayari देख तो दिल कि जाँ से उठता है ये धुआँ सा कहाँ से उठता है गोर किस... Read MoreRead more about मीर की ग़ज़ल- ‘देख तो दिल कि जाँ से उठता है’