Jaun Elia

दो शाइर, दो नज़्में(11): हबीब जालिब और नून मीम राशिद

Habib Jalib Shayari Hindi हबीब जालिब की नज़्म- औरत बाज़ार है वो अब तक जिस में तुझे नचवाया दीवार है वो...

दो शा’इर, दो ग़ज़लें (20): दुष्यंत कुमार और मजाज़

Dushyant Kumar Shayari दुष्यंत कुमार की ग़ज़ल: ये जो शहतीर है पलकों पे उठा लो यारो ये जो शहतीर है...

दो शाइर, दो नज़्में(10): कैफ़ी आज़मी और मुनीर नियाज़ी

Kaifi Azmi Shayari Hindi कैफ़ी आज़मी की नज़्म- दाएरा रोज़ बढ़ता हूँ जहाँ से आगे, फिर वहीं लौट के आ जाता...

दो शा’इर, दो ग़ज़लें (19): क़तील शिफ़ाई और दाग़ देहलवी

Qateel Shifai Daagh Dehlvi क़तील शिफ़ाई की ग़ज़ल: दिल पे आए हुए इल्ज़ाम से पहचानते हैं दिल पे आए हुए...

दो शाइर, दो नज़्में(7): परवीन शाकिर और फ़हमीदा रियाज़

Parveen Shakir Fehmida Riyaz _________________________________ परवीन शाकिर की नज़्म: नहीं मेरा आँचल मैला है नहीं मेरा आँचल मैला है और...

दो शाइर, दो नज़्में(6): जाँ निसार अख़्तर और जिगर श्योपुरी

Mohabbat Shayari Nazm जाँ निसार अख़्तर की नज़्म: तजज़िया मैं तुझे चाहता नहीं लेकिन, फिर भी जब पास तू नहीं...

दो शा’इर, दो नज़्में (3): फ़रहत एहसास और फ़हमीदा रियाज़

Farhat Ehsas Nazm फ़रहत एहसास की नज़्म: ख़ुद-आगही वो कैसी तारीक घड़ी थी, जब मुझको एहसास हुआ था मैं तन्हा हूँ...

दो शा’इर, दो नज़्में (2): मख़दूम और फै़ज़…

Makhdoom Aur Faiz Ki Nazm मख़दूम मुहिउद्दीन की नज़्म: "चारागर" इक चमेली के मंडवे-तले मय-कदे से ज़रा दूर उस मोड़...

दो शा’इर, दो नज़्में (1): परवीन शाकिर और सरदार जाफ़री…

Parveen Shakir Sardar Jafri: साहित्य दुनिया में हम आज 'दो शा'इर, दो नज़्में' सीरीज़ शुरू'अ कर रहे हैं.आज हम परवीन...