Love Poetry

अरग़वान रब्बही के शेर…

Arghwan Rabbhi Shayari है इक तमीज़ कि बाहर निकल नहीं सकता, तुम्हारा हाथ पकड़ कर मैं चल नहीं सकता अरग़वान...

बहज़ाद लखनवी के बेहतरीन शेर…

Behzad Lucknowi Best Sher ऐ जज़्बा-ए-दिल गर मैं चाहूँ हर चीज़ मुक़ाबिल आ जाए मंज़िल के लिए दो गाम चलूँ...