लखनवी शायरी ~ ग़ुलाम हमदानी ‘मुसहफ़ी’
Mushafi Shayari ~ शेख़ ग़ुलाम हमदानी 'मुसहफ़ी'- सन 1750 में मुरादाबाद ज़िले के पास अमरोहा के अकबरपुर गाँव में इनका...
Mushafi Shayari ~ शेख़ ग़ुलाम हमदानी 'मुसहफ़ी'- सन 1750 में मुरादाबाद ज़िले के पास अमरोहा के अकबरपुर गाँव में इनका...
Raksha Bandhan Shayari किसी के ज़ख़्म पर चाहत से पट्टी कौन बाँधेगा अगर बहनें नहीं होंगी तो राखी कौन बाँधेगा...
Rehman Faris Shayari यही दुआ है यही है सलाम इश्क़ ब-ख़ैर मिरे सभी रुफ़क़ा-ए-किराम इश्क़ ब-ख़ैर ये रह ज़रूर तुम्हारे...
Bewafai Shayari काम आ सकीं न अपनी वफ़ाएँ तो क्या करें उस बेवफ़ा को भूल न जाएँ तो क्या करें...
Lucknow Shayari -- लखनऊ है तो महज़ गुम्बद-ओ मीनार नहीं, सिर्फ एक शहर नहीं, कूचा ओ बाज़ार नहीं ~ योगेश...
Independence Day Poetry Jashn e Azadi सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्ताँ हमारा हम बुलबुलें हैं इसकी ये गुलसिताँ हमारा अल्लामा...
Romantic Shayari दिल मुहब्बत में मुब्तला हो जाए जो अभी तक न हो सका हो जाए तहज़ीब हाफ़ी _________ ये...
Friendship Shayari ~ वो आए घर में हमारे ख़ुदा की क़ुदरत है कभी हम उनको कभी अपने घर को देखते...