Urdu Shayari

मिर्ज़ा ग़ालिब के बेहतरीन शेर

Ghalib Best Sher 1. फिर उसी बेवफ़ा पे मरते हैं, फिर वही ज़िंदगी हमारी है 2. बे-ख़ुदी बे-सबब नहीं 'ग़ालिब'...

उर्दू के चार सबसे बड़े शाइरों की एक-एक ग़ज़ल…

Urdu ke ustaad shayar: हम यहाँ चार ग़ज़लें पेश कर रहे हैं. मीर, ग़ालिब, इक़बाल और फ़ैज़ की इन ग़ज़लों...

सोनल सोनकवड़े का उपन्यास “कॉमा” अंत तक बांधे रखने वाली दमदार कहानी..

Sonal Sonkavde Comma Review ~ अक्सर हमें अपने बड़ों से ये सुनने मिलता है कि आजकल के बच्चों के दिमाग़...

ख़ूबसूरत तस्वीरों और जानकारियों से मन मोहती है “लद्दाख़”

Laddakh Review Mahendra Singh ~ कहते हैं अगर आपको ख़ुद को पहचानना हो तो यात्रा करनी चाहिए। अक्सर हम ख़ुद...

जावेद अख़्तर की किताब “तरकश” की समीक्षा

Tarkash Review: अक्सर हिंदी में शामिल उर्दू लफ़्ज़ों का सही प्रयोग और उनका उच्चारण सीखना मुश्किल लगता है। लेकिन जहाँ...

गुलज़ार की किताब “ड्योढ़ी” की समीक्षा

Dyodhi Review “किताबों से कभी गुज़रो तो यूँ किरदार मिलते हैं गए वक़्त की ड्योढ़ी में खड़े कुछ यार मिलते...

‘आपका बंटी’- मन्नू भंडारी (समीक्षा)

Aapka Bunty Review ~ "बस चली तो सबके बीच हँसते-बतियाते उसे ऐसा लगा जैसे सारे दिन ख़ूब सारी पढ़ाई करके घर...

दो शा’इर, दो ग़ज़लें (6): जिगर मुरादाबादी और इरफ़ान सिद्दीक़ी…

दो शा'इर, दो ग़ज़लें सीरीज़ में हम आज आपके सामने जिगर मुरादाबादी और इरफ़ान सिद्दीक़ी की ग़ज़लें पेश कर रहे...