July 3, 2026

Month: May 2025

जुस्तुजू जिसकी थी उसको तो न पाया हमने – शहरयार

Justju jiski thi usko to na paaya humne जुस्तुजू जिसकी थी उसको तो न पाया हमने इस बहाने से मगर...

दिनों की लाशें — अरग़वान रब्बही

DinoN Ki LaasheN ~~ अरग़वान रब्बही ट्रेन की खिड़की से बाहर साथ-साथ चलते अंधेरों के बीच अंदर सोए लोगों की...

अपनी ख़बर, न उसका पता है, ये इश्क़ है

Apnii Khabar na uska pata hai ye ishq hai इरफ़ान सत्तार की ग़ज़ल अपनी ख़बर, न उसका पता है, ये...

पहलवान की ढोलक – फणीश्वरनाथ रेणु

Pahalwan Ki Dholak लेखक - फणीश्वरनाथ रेणु (Phanishwar Nath Renu) ________________ जाड़े का दिन। अमावस्या की रात—ठंडी और काली। मलेरिया...

अकाल और उसके बाद – नागार्जुन

कई दिनों तक चूल्हा रोया, चक्की रही उदास कई दिनों तक कानी कुतिया सोई उनके पास कई दिनों तक लगी...