दो शाइर, दो नज़्में(11): हबीब जालिब और नून मीम राशिद

Urdu Shayari se jude lafz Urdu ke words Khulasa Habib Jalib Shayari Hindi Parveen Shakir Sardar Jafri Nazm Kya Hoti Hai

Habib Jalib Shayari Hindi हबीब जालिब की नज़्म- औरत बाज़ार है वो अब तक जिस में तुझे नचवाया दीवार है वो अब तक जिस में तुझे चुनवाया दीवार को आ तोड़ें बाज़ार को आ ढाएँ इंसाफ़ की ख़ातिर हम सड़कों पे निकल आएँ मजबूर के सर पर है शाही का वही साया बाज़ार है वो अब … Read more

घनी कहानी, छोटी शाखा: जयशंकर प्रसाद की कहानी “ग़ुंडा” का अंतिम भाग

गुंडा- जयशंकर प्रसाद Hindi Kahani Gunda घनी कहानी, छोटी शाखा: जयशंकर प्रसाद की कहानी “ग़ुंडा” का पहलाभाग घनी कहानी, छोटी शाखा: जयशंकर प्रसाद की कहानी “ग़ुंडा” का दूसरा भाग घनी कहानी, छोटी शाखा: जयशंकर प्रसाद की कहानी “ग़ुंडा” का तीसरा भाग भाग-4 (अब तक आपने पढ़ा..काशी में मौजूदा वातावरण से निराश व्यक्तियों ने मिलकर एक … Read more

दो शा’इर, दो ग़ज़लें (20): दुष्यंत कुमार और मजाज़

Dushyant Kumar Shayari ई यी ए ये ड वाले शब्द Urdu Shayari Mein Fard म वाले शब्द

Dushyant Kumar Shayari दुष्यंत कुमार की ग़ज़ल: ये जो शहतीर है पलकों पे उठा लो यारो ये जो शहतीर है पलकों पे उठा लो यारो अब कोई ऐसा तरीक़ा भी निकालो यारो दर्द-ए-दिल वक़्त को पैग़ाम भी पहुँचाएगा इस कबूतर को ज़रा प्यार से पालो यारो लोग हाथों में लिए बैठे हैं अपने पिंजरे आज … Read more

घनी कहानी, छोटी शाखा: शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय की कहानी “अनुपमा का प्रेम” का अंतिम भाग

Anupama ka prem Sharatchandr Chatopadhyay

अनुपमा का प्रेम- शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय   Anupama ka prem Sharatchandr घनी कहानी, छोटी शाखा: शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय की कहानी “अनुपमा का प्रेम” का पहला भाग घनी कहानी, छोटी शाखा: शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय की कहानी “अनुपमा का प्रेम” का दूसरा भाग भाग-3 (अब तक आपने पढ़ा। बचपन से उपन्यास पढ़ने की शौक़ीन अनुपमा उपन्यास की कहानियों को जीने … Read more

घनी कहानी, छोटी शाखा: शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय की कहानी “अनुपमा का प्रेम” का दूसरा भाग

Anupama ka prem Sharatchandr Chatopadhyay

अनुपमा का प्रेम- शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय Anupama ka prem घनी कहानी, छोटी शाखा: शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय की कहानी “अनुपमा का प्रेम” का पहला भाग भाग-2 (अब तक आपने पढ़ा..अनुपमा ग्यारह वर्ष की उम्र से ही उपन्यास पढ़ती आयी है इसका असर उसके मन पर भी पड़ा है। वो अपनी काल्पनिक दुनिया में जीती है उपन्यास की नायिका … Read more

घनी कहानी, छोटी शाखा: सआदत हसन मंटो की कहानी “खोल दो” का अंतिम भाग

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Manto Ki Kahani Khol Do खोल दो-सआदत हसन मंटो  भाग-2  (अब तक आपने पढ़ा..जब स्पेशल ट्रेन अमृतसर से मुग़लपुरा पहुँचते ही सिराजुद्दीन ख़ुद को लोगों की भीड़ में पाता है और कुछ देर भटकने के बाद उसे अपनी बेटी सकीना की याद आती है, जिसे वो अपनी मरती बीवी के कहने पर बचाकर लाया होता है। सकीना … Read more

घनी कहानी, छोटी शाखा: गोपालराम गहमरी की कहानी “गुप्तकथा” का तीसरा भाग

Romantic Shayari

गुप्तकथा- गोपालराम गहमरी  Guptkatha घनी कहानी, छोटी शाखा: गोपालराम गहमरी की कहानी “गुप्तकथा” का पहला भाग घनी कहानी, छोटी शाखा: गोपालराम गहमरी की कहानी “गुप्तकथा” का दूसरा भाग भाग-3 (अब तक आपने पढ़ा..कलकत्ते से लौटे जासूस को उसका दोस्त हैदर अपने पिता चिराग़ अली की ख़राब सेहत के बारे में बताता है और इस बात की चिंता … Read more

घनी कहानी, छोटी शाखा: चंद्रधर शर्मा गुलेरी की लिखी कहानी “सुखमय जीवन” का पहला भाग

Hindi Kahani Hairat Maryana Aur Kokster Majaz Shayari Hindi हिन्दी व्याकरण औ और ऑ हिन्दी व्याकरण ओ और औ Shayari Kaise Karte hain

Chandrdhar Sharma Guleri Ki Kahani Sukhmay Jivan ~ (हिंदी की पहली कहानी कौन-सी है? इस सवाल पर अलग-अलग जानकारों के अलग-अलग मत हैं..और उन मतों के अनुसार ही कुछ कहानियों को हिंदी की पहली कहानी माना जाता है। कुछ दिनों से आप “घनी कहानी छोटी शाखा” में पढ़ रहे हैं, ऐसी ही कुछ कहानियों को, जो मानी जाती हैं हिंदी की पहली कहानियों में से एक..आज से पेश है “चंद्रधर शर्मा ‘गुलेरी’” की लिखी कहानी “सुखमय जीवन” ..आज पढ़िए पहला भाग) सुखमय जीवन- चंद्रधर शर्मा “गुलेरी” भाग-1 परीक्षा देने के पीछे और उसके फल निकलने के पहले दिन किस बुरी तरह बीतते हैं, यह उन्हीं को मालूम है जिन्हें उन्हें गिनने का अनुभव हुआ है। सुबह उठते … Read more

दो शाइर, दो नज़्में(10): कैफ़ी आज़मी और मुनीर नियाज़ी

Ishq ki shayari Kaifi Azmi Shayari Hindi Noshi Gilani Shayari Qateel Shifai Daagh Dehlvi Hari Shankar Parsai Jaishankar Prasad Amrita Pritam Ki Kahani Vrahaspativar ka vrat ~ "बृहस्पतिवार का व्रत" Rajendra Bala Ghosh Ki Kahani Dulaiwali

Kaifi Azmi Shayari Hindi कैफ़ी आज़मी की नज़्म- दाएरा रोज़ बढ़ता हूँ जहाँ से आगे, फिर वहीं लौट के आ जाता हूँ बार-हा तोड़ चुका हूँ जिन को उन्हीं दीवारों से टकराता हूँ रोज़ बसते हैं कई शहर नए रोज़ धरती में समा जाते हैं ज़लज़लों में थी ज़रा सी गर्मी वो भी अब रोज़ ही … Read more

दो शा’इर, दो ग़ज़लें (19): क़तील शिफ़ाई और दाग़ देहलवी

Ishq ki shayari Kaifi Azmi Shayari Hindi Noshi Gilani Shayari Qateel Shifai Daagh Dehlvi Hari Shankar Parsai Jaishankar Prasad Amrita Pritam Ki Kahani Vrahaspativar ka vrat ~ "बृहस्पतिवार का व्रत" Rajendra Bala Ghosh Ki Kahani Dulaiwali

Qateel Shifai Daagh Dehlvi क़तील शिफ़ाई की ग़ज़ल: दिल पे आए हुए इल्ज़ाम से पहचानते हैं दिल पे आए हुए इल्ज़ाम से पहचानते हैं, लोग अब मुझ को तिरे नाम से पहचानते हैं आईना-दार-ए-मोहब्बत हूँ कि अरबाब-ए-वफ़ा अपने ग़म को मिरे अंजाम से पहचानते हैं बादा ओ जाम भी इक वजह-ए-मुलाक़ात सही हम तुझे गर्दिश-ए-अय्याम … Read more