साहित्य दुनिया

दो शा’इर, दो ग़ज़लें (19): क़तील शिफ़ाई और दाग़ देहलवी

Qateel Shifai Daagh Dehlvi क़तील शिफ़ाई की ग़ज़ल: दिल पे आए हुए इल्ज़ाम से पहचानते हैं दिल पे आए हुए...

दो शाइर, दो नज़्में(9): फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ और अख़्तर-उल-ईमान

Akhtar Ul Iman Shayari Faiz Ahmed Faiz Shayari फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की नज़्म: बोल बोल कि लब आज़ाद हैं तेरे,...

दो शाइर, दो नज़्में(7): परवीन शाकिर और फ़हमीदा रियाज़

Parveen Shakir Fehmida Riyaz _________________________________ परवीन शाकिर की नज़्म: नहीं मेरा आँचल मैला है नहीं मेरा आँचल मैला है और...

दो शाइर, दो नज़्में(6): जाँ निसार अख़्तर और जिगर श्योपुरी

Mohabbat Shayari Nazm जाँ निसार अख़्तर की नज़्म: तजज़िया मैं तुझे चाहता नहीं लेकिन, फिर भी जब पास तू नहीं...

उर्दू शायरी और शब्द: अलविदा’अ, शाइरी, त’अज्जुब…

Urdu Shayari Ke Shabd अलविदा'अ(الوداع): इसका अर्थ होता है इस शब्द को अक्सर लोग अलविदा पढ़ते हैं लेकिन इसको सही...

उर्दू शायरी और शब्द : हमला-आवर, आशुफ़्ता, गुज़िश्ता, दस्त और दश्त…

Urdu Shayari se jude lafz हमला-आवर (حملہ آور): हमला-आवर एक ऐसा लफ़्ज़ है जिसे आम लोग 'हमलावर' पढ़ते हैं जोकि...

दो शा’इर, दो ग़ज़लें (13): परवीन शाकिर और हसरत मोहानी..

परवीन शाकिर की ग़ज़ल: Koo Ba Koo Phail Gayi Baat Shanasayi Ki कू-ब-कू फैल गई बात शनासाई की, उसने ख़ुशबू...

दो शा’इर, दो नज़्में (3): फ़रहत एहसास और फ़हमीदा रियाज़

Farhat Ehsas Nazm फ़रहत एहसास की नज़्म: ख़ुद-आगही वो कैसी तारीक घड़ी थी, जब मुझको एहसास हुआ था मैं तन्हा हूँ...

14 साल की उम्र से शुरू’अ हुआ ज़हरा निगाह की शा’इरी का सफ़र…

Zehra Nigah Shayari "हिकायत ए ग़म ए दुनिया तवील थी कह दी, हिकायत ए ग़म ए दिल मुख़्तसर है क्या...

एक ज़मीन, दो ग़ज़लें (1): मख़दूम और फ़ैज़..

साहित्य दुनिया की आज हम एक और सीरीज़ शुरू'अ कर रहे हैं, "एक ज़मीन दो ग़ज़लें". Ghazal Zameen Shayari इस...