साहित्य दुनिया

दो शा’इर, दो नज़्में (2): मख़दूम और फै़ज़…

Makhdoom Aur Faiz Ki Nazm मख़दूम मुहिउद्दीन की नज़्म: "चारागर" इक चमेली के मंडवे-तले मय-कदे से ज़रा दूर उस मोड़...

उर्दू शायरी और शब्द : सागर, साग़र और जलील, ज़लील…

Jaleel aur Zaleel सागर(ساگر) और साग़र (ساغر) दो ऐसे लफ़्ज़ हैं जिनके उच्चारण में जो अंतर है वो यूँ तो...

उर्दू शायरी और शब्द : क़मर, कमर और उरूज, अरूज़..

Urdu Shayari Ke Lafz क़मर (قمر)  और कमर (کمر)  Urdu Shayari Ke Lafz: अक्सर लोगों को कमर और क़मर एक से...

दो शा’इर, दो नज़्में (1): परवीन शाकिर और सरदार जाफ़री…

Parveen Shakir Sardar Jafri: साहित्य दुनिया में हम आज 'दो शा'इर, दो नज़्में' सीरीज़ शुरू'अ कर रहे हैं.आज हम परवीन...

उर्दू शायरी और शब्द : ज़िम्’मदार, ज़ियादा, ज़ियादत…

Urdu ke words :  ज़िम्'मदार (ज़िम्मेदार)- इसका अर्थ होता है ज़मानत, जवाबदेही, कार्यभार। ये लफ़्ज़ ज़िम्मा से बनता है, ज़िम्मा...

दो शा’इर, दो ग़ज़लें सीरीज़ (11): फै़ज़ अहमद फै़ज़ और असग़र गोंडवी…

फै़ज़ अहमद फै़ज़ की ग़ज़ल-हर हक़ीक़त मजाज़ हो जाए Har Haqeeqat Majaz Ho Jaye हर हक़ीक़त मजाज़ हो जाए काफ़िरों...

उर्दू शायरी और शब्द : ख़ुलासा, ख़िलाफ़त, बिलकुल और भूक…

Urdu ke words Khulasa:  ख़ुलासा (خلاصہ): ख़ुलासा का जो अर्थ आजकल मीडिया में इस्तेमाल हो रहा है वो इसके सही...

उर्दू शायरी और शब्द : शब्बा खै़र नहीं शब-ब’खै़र,अजीज़ नहीं अज़ीज़, शम्मा नहीं शम’अ…

Urdu Shayari Shabd अज़ीज़(عزیز): अज़ीज़ एक ऐसा लफ़्ज़ है जिसे अक्सर लोग अजीज़ बोलते हैं. कुछ लोगों का नाम भी अज़ीज़...

उर्दू शायरी और शब्द : तजुर्बा नहीं तज’रबा, जमा नहीं जम’अ, शुरू नहीं शुरू’अ…

Urdu Poetry Words आज हम कुछ ऐसे ज़रूरी अलफ़ाज़ के बारे में आपसे बात करने जा रहे हैं जो आम बोलचाल...

उर्दू शायरी और शब्द : फ़िर नहीं फिर, गम नहीं ग़म, मिजाज़ नहीं मिज़ाज…

Urdu Shabd Gham Gam कुछ ऐसे लफ़्ज़ हैं जो हमारी ज़िन्दगी का अहम् हिस्सा हैं और लगभग रोज़ हम इनका इस्तेमाल...