शायरी सीखें

shayari seekhne ke tareeqa शायरी सीखने का तरीक़ा : अक्सर हमारे ज़हन में ये सवाल आता है कि शा’इरी क्या है? ज़ाहिर है ये एक ऐसा सवाल है जिसका जवाब हर एक इंसान अलग-अलग तरह से देगा, मेरी नज़र में शाइरी वो संगीत है जिसके ज़रिए हम अपनी बात कहते हैं. कोई बात जो बहुत अच्छी है, उसको आप अगर दो या चार लाइन में लिख दें तो वो शा’इरी तब तक नहीं होगी जब तक कि उसमें मौसिक़ी यानी कि संगीत न हो. मौसिक़ी से यहाँ मतलब है लयबद्ध संरचना.

पिछले कई सालों में इस बात को हमने देखा है कि लोग कोई बात दो मिसरों में लिख देते हैं और कहते हैं कि उन्होंने ये शे’र लिखा है. कई बार लोगों को लगता है कि कोई बहुत ख़ास बात अगर वो लिख दें तो वो शा’इरी है. असल में ऐसा नहीं है. हो सकता है कि ये फ़िलासफ़ी हो लेकिन फ़िलासफ़ी का शा’इरी होना ज़रूरी नहीं है.

शा’इरी की कई क़िस्में हैं और हर एक क़िस्म के कुछ विशेष नियम हैं. आने वाले दिनों में हम इन सभी नियमों से आपको रूबरू कराएँगे. फ़िलहाल, शा’इरी की क़िस्मों के बारे में कुछ शुरूआती बातचीत कर लेते हैं-
शायरी सीखने का तरीक़ा

नामौज़ूंनियत, सुस्त बंदिश, बलाग़त और फ़साहत

Shayari Ki Zaroori Baaten आज हम आपको 'शाइरी की बातें' में चार ऐसे बिन्दुओं के बारे में बता रहे हैं...

याद करने के लिए महत्वपूर्ण बातें

Shayari Mein Wazn याद करने के लिए महत्वपूर्ण बातें-  अकेले अक्षर का वज़्न 1 एक जोड़े में दो अक्षरों का...

ग़ज़ल में मक़ता क्या होता है?

मक़ता: ग़ज़ल का आख़िरी शे'र मक़ता कहलाता है.अक्सर इसमें शा'इर अपने तख़ल्लुस (pen name) का इस्तेमाल करता है. Ghazal Shayari...

शायरी सीखें: ग़ज़ल का मतला क्या होता है?

Ghazal ka Matla मत'ला: ग़ज़ल या क़सीदे का वो शे'र जिसके दोनों मिसरों में रदीफ़ और क़ाफ़िये का इस्तेमाल होता...