dard bhari shayari

अरग़वान रब्बही के शेर…

Arghwan Rabbhi Shayari है इक तमीज़ कि बाहर निकल नहीं सकता, तुम्हारा हाथ पकड़ कर मैं चल नहीं सकता अरग़वान...

तहज़ीब हाफ़ी की शायरी और ग़ज़लें

तहज़ीब हाफ़ी समकालीन उर्दू शायरी के उन शायरों में शामिल हैं, जिन्होंने अपनी सादा, दिलकश और आधुनिक अंदाज़-ए-बयाँ से ख़ास...