दर्द मिन्नत-कश-ए-दवा न हुआ ~ मिर्ज़ा ग़ालिब
Dard Minnat Kash e Dava Na Hua ~ Mirza Ghalib दर्द मिन्नत-कश-ए-दवा न हुआ मैं न अच्छा हुआ बुरा न...
Dard Minnat Kash e Dava Na Hua ~ Mirza Ghalib दर्द मिन्नत-कश-ए-दवा न हुआ मैं न अच्छा हुआ बुरा न...
Phool Shayari काँटों में घिरे फूल को चूम आएगी लेकिन तितली के परों को कभी छिलते नहीं देखा परवीन शाकिर...
Ghar Shayari : उग रहा है दर-ओ-दीवार से सब्ज़ा 'ग़ालिब' हम बयाबाँ में हैं और घर में बहार आई है...
Mohabbat Shayari गर बाज़ी इश्क़ की बाज़ी है जो चाहो लगा दो डर कैसा गर जीत गए तो क्या कहना...
Dard Bhari Shayari बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं उमैर...
Subah Shayari नया चश्मा है पत्थर के शिगाफ़ों से उबलने को, ज़माना किस क़दर बेताब है करवट बदलने को सरदार...
Famous Urdu Shayari यही दुनिया हमें अच्छा भी समझ सकती थी बस ज़रा चाल चलन बीच में आ जाता है।...
तहज़ीब हाफ़ी समकालीन उर्दू शायरी के उन शायरों में शामिल हैं, जिन्होंने अपनी सादा, दिलकश और आधुनिक अंदाज़-ए-बयाँ से ख़ास...
Holi Shayari Rang Shayari : गले मुझको लगा लो ऐ मिरे दिलदार होली में बुझे दिल की लगी भी तो...
रूबाई उर्दू और फ़ारसी शायरी की एक महत्वपूर्ण काव्य-विधा है, जिसमें चार मिसरों के माध्यम से किसी विचार, अनुभव या...