दिल को छू लेने वाले ख़ूबसूरत शेर..
Deep Shayari बर्बाद गुलिस्ताँ करने को बस एक ही उल्लू काफ़ी था हर शाख़ पे उल्लू बैठा है अंजाम-ए-गुलिस्ताँ क्या…
हिन्दी और उर्दू साहित्य का संगम
Deep Shayari बर्बाद गुलिस्ताँ करने को बस एक ही उल्लू काफ़ी था हर शाख़ पे उल्लू बैठा है अंजाम-ए-गुलिस्ताँ क्या…
Behzad Lucknowi Best Sher ऐ जज़्बा-ए-दिल गर मैं चाहूँ हर चीज़ मुक़ाबिल आ जाए मंज़िल के लिए दो गाम चलूँ…
Rehman Faris Shayari यही दुआ है यही है सलाम इश्क़ ब-ख़ैर मिरे सभी रुफ़क़ा-ए-किराम इश्क़ ब-ख़ैर ये रह ज़रूर तुम्हारे…
Chand Ka Munh Tedha Hai ~ चाँद का मुँह टेढ़ा है ~ गजानन माधव मुक्तिबोध नगर के बीचों-बीच आधी रात—अँधेरे…
Main Tum Logon Se Door Hoon ~ मैं तुम लोगों से दूर हूँ ~ गजानन माधव मुक्तिबोध मैं तुम लोगों…