रसगुल्ला और राखी बुआ

राखी बुआ ने पास जाकर देखा तो रसगुल्ला दर्द से कराह रहा था. वो कशमकश में थीं कि सबको उठाएँ या क्या करें..वो रसगुल्ला के पास उकड़ूं बैठी ही थीं कि उन्होंने रसगुल्ला की आँखों में आँसू देखे.. उन्होंने उसे तुरंत प्यार से गोदी में ले लिया और वहीं ज़मीन पर पालथी मार कर उसकी … Read more

घनी कहानी, छोटी शाखा: जयशंकर प्रसाद की कहानी “ग़ुंडा” का दूसरा भाग

गुंडा- जयशंकर प्रसाद Gunda Jaishankar Prasad Ki Kahani घनी कहानी, छोटी शाखा: जयशंकर प्रसाद की कहानी “ग़ुंडा” का पहलाभाग भाग-2 (अब तक आपने पढ़ा..ये उस काल की कहानी है जब काशी में उपनिषद, ज्ञान की मान्यता से कहीं अधिक शस्त्र और बल की मान्यता हो गयी थी। जब बुद्धि और तेज को शस्त्र और बल … Read more

घनी कहानी, छोटी शाखा: जयशंकर प्रसाद की कहानी “ग़ुंडा” का पहलाभाग

ग़ुंडा- जयशंकर प्रसाद Gunda Jaishankar Prasad Ki Kahani भाग-1 वह पचास वर्ष से ऊपर था| तब भी युवकों से अधिक बलिष्ठ और दृढ़ था। चमड़े पर झुर्रियाँ नहीं पड़ी थीं| वर्षा की झड़ी में, पूस की रातों की छाया में, कड़कती हुई जेठ की धूप में, नंगे शरीर घूमने में वह सुख मानता था| उसकी … Read more