जुस्तुजू जिसकी थी उसको तो न पाया हमने – शहरयार

Chaand Shayari Ishq ab meri jaan hai goya - Jaleel Manikpuri

Justju jiski thi usko to na paaya humne जुस्तुजू जिसकी थी उसको तो न पाया हमने इस बहाने से मगर देख ली दुनिया हमने सब का अहवाल वही है जो हमारा है आज ये अलग बात कि शिकवा किया तन्हा हमने ख़ुद पशीमान हुए ने उसे शर्मिंदा किया इश्क़ की वज़्अ को क्या ख़ूब निभाया … Read more

‘ग़म’ शब्द पर ख़ूबसूरत शेर

Dard Bhari Shayari Best Urdu Ghazals Bewafai Shayari

Gham Shayari हमने तो कोई बात निकाली नहीं ग़म की वो ज़ूद-पशीमान पशीमान सा क्यूँ है शहरयार ___ पत्थर के जिगर वालो ग़म में वो रवानी है ख़ुद राह बना लेगा बहता हुआ पानी है बशीर बद्र ___ हुआ जब ग़म से यूँ बे-हिस तो ग़म क्या सर के कटने का न होता गर जुदा … Read more