July 2, 2026

Year: 2018

दो शा’इर, दो ग़ज़लें(10): जाँ निसार अख़्तर और ज़ौक़…

जाँ निसार अख़्तर की ग़ज़ल: अशआ'र मिरे यूँ तो ज़माने के लिए हैं (Ashaar mere yoon to zamane ke liye...

इक़बाल की पुण्यतिथि पर उनको याद करते हुए उनके दस शे’र…

Iqbal ke Top Sher: महान उर्दू और फ़ारसी शा'इर मुहम्मद इक़बाल की आज पुण्यतिथि है. उनका जन्म 9 नवम्बर 1877...

दो शा’इर, दो ग़ज़लें (9): मुनीर नियाज़ी और अमीर मीनाई….

मुनीर नियाज़ी की ग़ज़ल: ज़िंदा रहें तो क्या है जो मर जाएँ हम तो क्या (Zinda Rahen To Kya Mar...

दो शा’इर, दो ग़ज़लें(8): अहमद फ़राज़ और बहज़ाद लखनवी…

Ab Aur Kya Kisi Se Marasim Badhayen Hum अहमद फ़राज़ की ग़ज़ल: अब और क्या किसी से मरासिम बढ़ाएँ हम...

उर्दू शायरी और शब्द : ‘ग़म’, बोलने का तरीक़ा, कुछ बातें और इससे जुड़े शब्द…

Urdu Lafz Gham :  ग़म (غم): ग़म शब्द मूल रूप से फ़ारसी भाषा से लिया गया है. इसका अर्थ है...

दो शा’इर, दो ग़ज़लें(7): जाँ निसार अख़्तर और महशर बदायूँनी…

Aahat Si Koi Aaye To Lagta Hai Ke Tum Ho जाँ निसार अख़्तर की ग़ज़ल: आहट सी कोई आए तो...

दो शा’इर, दो ग़ज़लें (6): जिगर मुरादाबादी और इरफ़ान सिद्दीक़ी…

दो शा'इर, दो ग़ज़लें सीरीज़ में हम आज आपके सामने जिगर मुरादाबादी और इरफ़ान सिद्दीक़ी की ग़ज़लें पेश कर रहे...

दो कहानीकार, दो कहानियाँ (1): प्रेमचंद और टैगोर

Tagore Premchand Kahani साहित्य दुनिया में हम अभी तक शा'इरी को लेकर ही ज़्यादा बातें कर रहे थे लेकिन हम अब...

उर्दू शायरी और शब्द : ज़रा ध्यान से “ख़ू” को “ख़ूं” ना समझ लीजियेगा…

Urdu Lafz :  हर ज़बान में कुछ ऐसे लफ़्ज़ होते हैं जो बोलने में लगभग एक से सुनाई देते हैं...