July 3, 2026

Month: February 2021

फ़िराक़ गोरखपुरी की शायरी

Firaq Gorakhpuri Ki Shayari 1. तुम्हें क्यूँकर बताएँ ज़िंदगी को क्या समझते हैं समझ लो साँस लेना ख़ुद-कुशी करना समझते...

आज की कहानी- तितलियाँ

Hindi Kahani Titliyan (यह कहानी साहित्य दुनिया टीम के सदस्य/ सदस्यों द्वारा लिखी गयी है और इस कहानी के सर्वाधिकार...

रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ…. अहमद फ़राज़

Ranjish Hi Sahi रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ आ फिर से मुझे छोड़ के जाने के...

वही फिर मुझे याद आने लगे हैं …ख़ुमार बाराबंकवी

Khumar Barabankvi Ki Shayari  वही फिर मुझे याद आने लगे हैंजिन्हें भूलने में ज़माने लगे हैं वो हैं पास और...

सुना है लोग उसे आँख भर के देखते हैं… अहमद फ़राज़

Ahmad Faraz Ki Shayari  सुना है लोग उसे आँख भर के देखते हैं सो उसके शहर में कुछ दिन ठहर...

इस उम्मीद पे रोज़ चराग़ जलाते हैं…ज़हरा निगाह

Zehra Nigah इस उम्मीद पे रोज़ चराग़ जलाते हैं आने वाले बरसों ब'अद भी आते हैं हमने जिस रस्ते पर...

कभी किसी को मुकम्मल जहाँ नहीं मिलता …. निदा फ़ाज़ली

Nida Fazli Ki Shayari कभी किसी को मुकम्मल जहाँ नहीं मिलता कहीं ज़मीन कहीं आसमाँ नहीं मिलता तमाम शहर में...

बात करनी मुझे मुश्किल कभी ऐसी तो न थी…. बहादुर शाह ज़फ़र

Bahadur Shah Zafar Shayari बात करनी मुझे मुश्किल कभी ऐसी तो न थी जैसी अब है तिरी महफ़िल कभी ऐसी...

इश्क़ में ग़ैरत-ए-जज़्बात ने रोने न दिया.. सुदर्शन फ़ाकिर

Sudarshan Fakir Shayari इश्क़ में ग़ैरत-ए-जज़्बात ने रोने न दिया वर्ना क्या बात थी किस बात ने रोने न दिया...