साहित्य दुनिया

आईना क्यूँ न दूँ कि तमाशा कहें जिसे ~ मिर्ज़ा ग़ालिब

Aaina Kyun Na Doon Ke Tamasha KaheN jise - Mirza Ghalib आईना क्यूँ न दूँ कि तमाशा कहें जिसे ऐसा...

नामौज़ूंनियत, सुस्त बंदिश, बलाग़त और फ़साहत

Shayari Ki Zaroori Baaten आज हम आपको 'शाइरी की बातें' में चार ऐसे बिन्दुओं के बारे में बता रहे हैं...

याद करने के लिए महत्वपूर्ण बातें

Shayari Mein Wazn याद करने के लिए महत्वपूर्ण बातें-  अकेले अक्षर का वज़्न 1 एक जोड़े में दो अक्षरों का...

मोमिन की ग़ज़ल- “तुम मिरे पास होते हो गोया, जब कोई दूसरा नहीं होता”

Momin ki shayari असर उसको ज़रा नहीं होता रंज राहत-फ़ज़ा नहीं होता बेवफ़ा कहने की शिकायत है तो भी वादा-वफ़ा...

उर्दू के चार सबसे बड़े शाइरों की एक-एक ग़ज़ल…

Urdu ke ustaad shayar: हम यहाँ चार ग़ज़लें पेश कर रहे हैं. मीर, ग़ालिब, इक़बाल और फ़ैज़ की इन ग़ज़लों...

उमैर नज्मी की मशहूर शायरी और ग़ज़लें

उमैर नज्मी समकालीन उर्दू शायरी के चर्चित शायरों में शामिल हैं। उनकी शायरी में मोहब्बत, जुदाई, तन्हाई, रिश्तों और ज़िंदगी...

ज़िन्दगी है दिल की धड़कन तेज़ हो जाने का नाम..

Aanand Naaraayan Mullaah :: जाने अफ़साना यही कुछ भी हो अफ़साने का नाम, ज़िन्दगी है दिल की धड़कन तेज़ हो...