साहित्य दुनिया

उर्दू (1): और इस तरह हुई उर्दू भाषा की शुरुआत…

Urdu Bhasha Ka Itihas: अक्सर उर्दू के चाहने वाले इस बारे में बातचीत करते मिल जाते हैं कि आख़िर उर्दू...

औरत ने जनम दिया मर्दों को मर्दों ने उसे बाज़ार दिया… साहिर लुधियानवी

Aurat ne janam diya mardon ko mardon ne use bazar diya औरत ने जनम दिया मर्दों को मर्दों ने उसे...

फ़िराक़ गोरखपुरी की शायरी

Firaq Gorakhpuri Ki Shayari 1. तुम्हें क्यूँकर बताएँ ज़िंदगी को क्या समझते हैं समझ लो साँस लेना ख़ुद-कुशी करना समझते...

आज की कहानी- तितलियाँ

Hindi Kahani Titliyan (यह कहानी साहित्य दुनिया टीम के सदस्य/ सदस्यों द्वारा लिखी गयी है और इस कहानी के सर्वाधिकार...

रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ…. अहमद फ़राज़

Ranjish Hi Sahi रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ आ फिर से मुझे छोड़ के जाने के...

वही फिर मुझे याद आने लगे हैं …ख़ुमार बाराबंकवी

Khumar Barabankvi Ki Shayari  वही फिर मुझे याद आने लगे हैंजिन्हें भूलने में ज़माने लगे हैं वो हैं पास और...

सुना है लोग उसे आँख भर के देखते हैं… अहमद फ़राज़

Ahmad Faraz Ki Shayari  सुना है लोग उसे आँख भर के देखते हैं सो उसके शहर में कुछ दिन ठहर...

इस उम्मीद पे रोज़ चराग़ जलाते हैं…ज़हरा निगाह

Zehra Nigah इस उम्मीद पे रोज़ चराग़ जलाते हैं आने वाले बरसों ब'अद भी आते हैं हमने जिस रस्ते पर...