घनी कहानी, छोटी शाखा(1): मुंशी प्रेमचंद की ‘ईदगाह’ का पहला भाग..

Eidgah Premchand

ईदगाह (मुंशी प्रेमचंद) ~ Eidgah Premchand भाग -एक रमज़ान के पूरे तीस रोज़ों के बाद ईद आयी है। कितना मनोहर, कितना सुहावना प्रभाव है। वृक्षों पर अजीब हरियाली है, खेतों में कुछ अजीब रौनक है, आसमान पर कुछ अजीब लालिमा है। आज का सूर्य देखो, कितना प्यारा, कितना शीतल है, यानी संसार को ईद की … Read more

दो कहानीकार, दो कहानियाँ (6): हरिशंकर परसाई और मंटो

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Hindi Ki Best Kahaniyan हरिशंकर परसाई की कहानी: अपना-पराया “आप किस स्कूल में शिक्षक हैं?” “मैं लोकहितकारी विद्यालय में हूँ, क्यों, कुछ काम है क्या?” “हाँ, मेरे लड़के को स्कूल में भर्ती करना है” “तो हमारे स्कूल में ही भर्ती करवा दीजिए।” “पढ़ाई-वढ़ाई कैसी है?” “नम्बर वन! बहुत अच्छे शिक्षक हैं, बहुत अच्छा वातावरण है, … Read more

दो शाइर, दो नज़्में(6): जाँ निसार अख़्तर और जिगर श्योपुरी

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Mohabbat Shayari Nazm जाँ निसार अख़्तर की नज़्म: तजज़िया मैं तुझे चाहता नहीं लेकिन, फिर भी जब पास तू नहीं होती ख़ुद को कितना उदास पाता हूँ गुम से अपने हवास पाता हूँ जाने क्या धुन समाई रहती है इक ख़मोशी सी छाई रहती है दिल से भी गुफ़्तुगू नहीं होती मैं तुझे चाहता नहीं … Read more

उर्दू शायरी और शब्द: अलविदा’अ, शाइरी, त’अज्जुब…

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Urdu Shayari Ke Shabd अलविदा’अ(الوداع): इसका अर्थ होता है इस शब्द को अक्सर लोग अलविदा पढ़ते हैं लेकिन इसको सही तरह से पढेंगे तो अलविदा’अ पढेंगे. उर्दू शा’इरी में इसका वज़्न 2121 लिया जाता है. (अल-2, वि-1,दा-2,अ-1) मख़मूर सईदी का शेर- घर में रहा था कौन कि रुख़्सत करे हमें, चौखट को अलविदा’अ कहा और … Read more

दो कहानीकार, दो कहानियाँ (5): सुभद्रा कुमारी चौहान और ख़लील जिब्रान

Meer Ki Shayari Parveen Shakir Fehmida Riyaz हिन्दी व्याकरण उ और ऊ ज़ वाले शब्द Khaleel Jibran Kahani In Hindi Bhikharin Kahani Madhavrao Sapre Ki Ek Tokri Bhar Mitti Bang Mahila Rajendra Bala Ghosh Ki Kahani Dulaiwali

Khaleel Jibran Kahani In Hindi सुभद्रा कुमारी चौहान की कहानी: जम्बक की डिबिया “इस जम्बक की डिबिया से मैंने एक आदमी का ख़ून जो कर डाला है, इसलिए मैं इससे डरता हूँ। मैं जानता हूँ कि यही जम्बक की डिबिया मेरी मौत का कारण होगी”- प्रोफ़ेसर साहब ने कहा और कुर्सी पर टिक गए। उसके … Read more

दो कहानीकार, दो कहानियाँ (4): जयशंकर प्रसाद और परसाई

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Hari Shankar Parsai Jaishankar Prasad जयशंकर प्रसाद की कहानी: कलावती की शिक्षा श्यामसुंदर ने विरक्त होकर कहा- “कला! यह मुझे नहीं अच्छा लगता।” कलावती ने लैम्प की बत्ती कम करते हुए सिर झुकाकर तिरछी चितवन से देखते हुए कहा- “फिर मुझे भी सोने के समय यह रोशनी अच्छी नहीं लगती” श्यामसुंदर ने कहा- “तुम्हारा पलँग … Read more

उर्दू शायरी और शब्द : हमला-आवर, आशुफ़्ता, गुज़िश्ता, दस्त और दश्त…

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Urdu Shayari se jude lafz हमला-आवर (حملہ آور): हमला-आवर एक ऐसा लफ़्ज़ है जिसे आम लोग ‘हमलावर’ पढ़ते हैं जोकि सही नहीं है. इसका सही उच्चारण हम’ल’आवर ही है. उर्दू शा’इरी में इसका वज़्न 21-22 लिया जाता है,(हम-2, ल-1, आ-2, वर-2). साक़ी फ़ारूक़ी का मत’ला देखिये- हमला-आवर कोई अक़ब से है, ये तआक़ुब में कौन … Read more

दो शा’इर, दो ग़ज़लें (13): परवीन शाकिर और हसरत मोहानी..

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परवीन शाकिर की ग़ज़ल: Koo Ba Koo Phail Gayi Baat Shanasayi Ki कू-ब-कू फैल गई बात शनासाई की, उसने ख़ुशबू की तरह मेरी पज़ीराई की कैसे कह दूँ कि मुझे छोड़ दिया है उसने बात तो सच है मगर बात है रुसवाई की वो कहीं भी गया लौटा तो मिरे पास आया बस यही बात … Read more

दो शा’इर, दो नज़्में (3): फ़रहत एहसास और फ़हमीदा रियाज़

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Farhat Ehsas Nazm फ़रहत एहसास की नज़्म: ख़ुद-आगही वो कैसी तारीक घड़ी थी, जब मुझको एहसास हुआ था मैं तन्हा हूँ उस दिन भी सीधा-सादा सूरज निकला था शहर में कोई शोर नहीं था घर में कोई और नहीं था अम्माँ आटा गूँध रही थीं अब्बा चारपाई पर बैठे ऊँघ रहे थे धीरे-धीरे धूप चढ़ी थी … Read more

मजाज़ की ग़ज़ल: “जिगर और दिल को बचाना भी है”

wo humsafar tha वो हम-सफ़र था मगर उससे हम-नवाई न थी Urdu ke Mushkil Lafz Akhtar Ul Iman Shayari Majaz Shayari Famous Barish Shayari Barsaat Shayari Baarish Shayari Hindi Kahani Arghwan Rabbhi Urdu Lafz Aghori Ka Moh Acaharya Ram Chandra Shukl Ki Kahani Gyaarah Varsh Ka Samay Jigar aur dil ko bachana

Jigar aur dil ko bachana जिगर और दिल को बचाना भी है, नज़र आप ही से मिलाना भी है मुहब्बत का हर भेद पाना भी है मगर अपना दामन बचाना भी है जो दिल तेरे ग़म का निशाना भी है क़तील-ए-जफ़ा-ए-ज़माना भी है ये बिजली चमकती है क्यूँ दम-ब-दम चमन में कोई आशियाना भी है … Read more