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ननकू के क़िस्से

“रसगुल्ला..पता है आज न पापा मेरे लिए नया जूता लेकर आने वाले हैं”- ननकू ख़ुश होते हुए बोला

रसगुल्ला भी ख़ुश होकर ननकू के आसपास घुमने लगा। ननकू ने उसको प्यार किया और कुछ सोचने लगा, माँ ने ध्यान से देखा

“क्या हुआ भई..किस सोच में डूब गए?”

“माँ, रसगुल्ला तो अभी छोटा है न…उसको मैं साथ में स्कूल ले जाऊँ?”

ये बात सुनकर रसगुल्ला भी ध्यान से माँ को देखने लगा कि माँ क्या जवाब देती हैं..माँ हँसने लगीं और फिर ननकू को प्यार से समझाते हुए बोलीं- “नहीं बेटा..रसगुल्ला को स्कूल नहीं ले जा सकते..चीकू के जैसे ये भी घर में रहेगा”

“और मेरा जूता चबाएगा..?”- ननकू मुँह बनाता हुआ चीकू को देखकर बोला।

चीकू किनारे में बैठा ननकू का वही जूता चबा रहा था उसका फ़ेवरेट जूता है जसी उसने कल ही ननकू को बेस्ट फ़्रेंड बनने के लिए दिया था लेकिन बेस्ट फ़्रेंड बनते ही उसने वापस जूते पर क़ब्ज़ा जमा लिया और अभी आराम से इन सारी बातों से दूर आराम से जूता चबा रहा था। रसगुल्ला ने उसको देखा तो कूदकर उसकी तरफ़ लपका और उससे जूता लेने की कोशिश करने लगा लेकिन चीकू ने उसे देखकर हल्के से गुर्रा दिया तो रसगुल्ला ने चुपचाप जूता छोड़ दिया और धीरे-धीरे चलकर ननकू और माँ के पास आ गया और वहीं बैठ गया।

“देखा माँ..चीकू के साथ रहकर तो ये भी ऐसे ही सब बदमाशी सिखेगा। आप ही तो कहती हो न स्कूल में बहुत अच्छी-अच्छी बातें सीखने मिलती है, तो रसगुल्ला भी अच्छा बच्चा बनना चाहिए न?”- ननकू ने एक साँस में इतनी बातें कह डालीं

“बात तो सही कह रहे हो..लेकिन रसगुल्ला अभी तुझसे भी छोटा है तो इसको तेरी क्लास में बैठने नहीं मिलेगा..दूसरी क्लास में बैठेगा तो रोने लगेगा..अभी न मैं इसको घर में पढ़ाया करूँगी और जब तू वापस आएगा तो इसको सिखाया करना..जब ये थोड़ा बड़ा हो जाएगा तो इसको स्कूल ले जाना..ठीक है?”

“हाँ माँ..रसगुल्ला अभी तू थोड़े दिन घर में पढ़ाई करना..फिर तू बड़ा हो जाएगा न तो स्कूल जाना..मज़ा आएगा..समझा?”- ननकू ख़ुश होकर बोला। रसगुल्ला भी ऐसे सिर हिलाने लगा जैसे उसे सब समझ आ गया। ननकू ख़ुश होकर रसगुल्ला को गले लगा लिया और रसगुल्ला को तो मस्ती का बहाना चाहिए होता है बस हो गयी शुरू दोनों की मस्ती।

तभी पापा की गाड़ी की आवाज़ सुनकर तीनों बाहर की तरफ़ भागे..पापा ने आते ही ननकू को उसका जूता दिया। ननकू पहनकर घुमने लगा साथ में रसगुल्ला भी दौड़ने लगा। चीकू अपना फ़ेवरेट जूता मुँह में उठा लाया। सब उन्हें देखकर हँसने लगे।

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