ग़ज़ल

मैं ख़याल हूँ किसी और का मुझे सोचता कोई और है – सलीम कौसर

मैं ख़याल हूँ किसी और का मुझे सोचता कोई और है सर-ए-आईना मिरा अक्स है पस-ए-आईना कोई और है मैं...

ठानी थी दिल में अब न मिलेंगे किसी से हम – मोमिन ख़ाँ मोमिन

ठानी थी दिल में अब न मिलेंगे किसी से हम पर क्या करें कि हो गए नाचार जी से हम...

अब इतनी सादगी लाएँ कहाँ से – परवीन शाकिर

अब इतनी सादगी लाएँ कहाँ से ज़मीं की ख़ैर माँगें आसमाँ से अगर चाहें तो वो दीवार कर दें हमें...

दिल धड़कने का सबब याद आया – नासिर काज़मी

दिल धड़कने का सबब याद आया वो तिरी याद थी अब याद आया आज मुश्किल था सँभलना ऐ दोस्त तू...

तेरी ख़ुश्बू का पता करती है – परवीन शाकिर की ग़ज़ल

तेरी ख़ुश्बू का पता करती है मुझ पे एहसान हवा करती है चूम कर फूल को आहिस्ता से मो’जिज़ा बाद-ए-सबा...

दुनिया की रिवायात से बेगाना नहीं हूँ – शकील बदायूँनी

दुनिया की रिवायात से बेगाना नहीं हूँ छेड़ो न मुझे मैं कोई दीवाना नहीं हूँ इस कसरत-ए-ग़म पर भी मुझे...