शायरी

Shayari
‘साहित्य दुनिया’ के ज़रिए कोशिश ये है कि लोगों की रूचि साहित्य और भाषा में बढ़े। ये साहित्य और भाषा से जुड़ी बातों को बड़े-बड़े और गम्भीर वाक्यों से न समझाकर उसे सरल, बोलचाल की भाषा में आम जन तक पहुँचाने का प्रयास है।

हुस्न शायरी: कमर पर बेहतरीन शेर..

Kamar Best Shayari बुरा क्या है बाँधो अगर तेग़-ओ-ख़ंजर मगर पहले अपनी कमर देख लेना जलील मानिकपूरी برا کیا ہے...

गर बाज़ी इश्क़ की बाज़ी है जो चाहो लगा दो डर कैसा

Gar Baazi Ishq Ki Baazi hai ~ Faiz Ahmed Faiz कब याद में तेरा साथ नहीं कब हात में तेरा...

Mother’s Day Special: ज़हरा निगाह की नज़्म “डाकू”…

"मातृ दिवस" (Mothers Day) के मौक़े पर हम अपने पाठकों के लिए ज़हरा निगाह की नज़्म "डाकू" (Zehra Nigah Ki...