शायरी

Shayari
‘साहित्य दुनिया’ के ज़रिए कोशिश ये है कि लोगों की रूचि साहित्य और भाषा में बढ़े। ये साहित्य और भाषा से जुड़ी बातों को बड़े-बड़े और गम्भीर वाक्यों से न समझाकर उसे सरल, बोलचाल की भाषा में आम जन तक पहुँचाने का प्रयास है।

बाज़ीचा-ए-अतफ़ाल है दुनिया मिरे आगे

Keyphrase- Baazeecha E Atfal Ghalib बाज़ीचा-ए-अतफ़ाल है दुनिया मिरे आगे होता है शब-ओ-रोज़ तमाशा मिरे आगे इक खेल है औरंग-ए-सुलैमाँ...

वस्ल की बनती हैं इन बातों से तदबीरें कहीं ~ हसरत मोहानी

wasl kii banti haiN in baatoN se tadbeereN kahiN - Hasrat Mohani वस्ल की बनती हैं इन बातों से तदबीरें...

नक़्श फ़रियादी है किसकी शोख़ी-ए-तहरीर का ~ मिर्ज़ा ग़ालिब

Naqsh Fariyadi Hai Kiski Hai Shokhiye Tahreer Ka - Mirza Ghalib नक़्श फ़रियादी है किसकी शोख़ी-ए-तहरीर का काग़ज़ी है पैरहन...

ख़ूबसूरत शाम शायरी – शाम पर बेहतरीन शेर

ख़ूबसूरत शाम शायरी शाम का वक़्त अपने आप में एक ख़ूबसूरत एहसास है। दिन की भागदौड़ थमती है, सूरज धीरे-धीरे...