शायरी

Shayari
‘साहित्य दुनिया’ के ज़रिए कोशिश ये है कि लोगों की रूचि साहित्य और भाषा में बढ़े। ये साहित्य और भाषा से जुड़ी बातों को बड़े-बड़े और गम्भीर वाक्यों से न समझाकर उसे सरल, बोलचाल की भाषा में आम जन तक पहुँचाने का प्रयास है।

वस्ल की बनती हैं इन बातों से तदबीरें कहीं ~ हसरत मोहानी

wasl kii banti haiN in baatoN se tadbeereN kahiN - Hasrat Mohani वस्ल की बनती हैं इन बातों से तदबीरें...

नक़्श फ़रियादी है किसकी शोख़ी-ए-तहरीर का ~ मिर्ज़ा ग़ालिब

Naqsh Fariyadi Hai Kiski Hai Shokhiye Tahreer Ka - Mirza Ghalib नक़्श फ़रियादी है किसकी शोख़ी-ए-तहरीर का काग़ज़ी है पैरहन...

हुस्न शायरी: कमर पर बेहतरीन शेर..

Kamar Best Shayari बुरा क्या है बाँधो अगर तेग़-ओ-ख़ंजर मगर पहले अपनी कमर देख लेना जलील मानिकपूरी برا کیا ہے...