शायरी

Shayari
‘साहित्य दुनिया’ के ज़रिए कोशिश ये है कि लोगों की रूचि साहित्य और भाषा में बढ़े। ये साहित्य और भाषा से जुड़ी बातों को बड़े-बड़े और गम्भीर वाक्यों से न समझाकर उसे सरल, बोलचाल की भाषा में आम जन तक पहुँचाने का प्रयास है।

दो शा’इर, दो ग़ज़लें (5): जलील मानिकपुरी और परवीन शाकिर…

Jalil Manikpuri Parveen Shakir ~ उर्दू शा'इरी के जिन दो शा'इरों की ग़ज़लें हम आज पेश कर रहे हैं, वो...

दो शा’इर, दो ग़ज़लें (4): ग़ालिब और ज़ौक़…

Ghalib Aur Zauq ki Ghazalen ~ “साहित्य दुनिया” केटेगरी के अंतर्गत “दो शा’इर, दो ग़ज़लें” सिरीज़ में हम आज जिन...

दो शा’इर, दो ग़ज़लें(3): मुनीर नियाज़ी और गुलज़ार…

Munir Niazi Gulzar Ghazal ~ "साहित्य दुनिया" केटेगरी के अंतर्गत "दो शा'इर, दो ग़ज़लें" सिरीज़ में हम आज जिन दो...

दो शा’इर, दो ग़ज़लें(2): मनचंदा बानी और मजाज़…

Manchanda Bani Majaz Shayari ~ आज हम जिन दो शा'इरों की ग़ज़लें आपके सामने पेश कर रहे हैं उनके नाम...

दो शा’इर, दो ग़ज़लें(1): जिगर मुरादाबादी और साहिर लुधियानवी….

आज से हमने "साहित्य दुनिया" पर एक नयी सीरीज़ शुरू करने की सोची है. हम अब लगातार अपने पाठकों के...

वज़ीर आग़ा की ग़ज़ल: “ऐसे गए कि फिर न कभी लौटना हुआ…”

wazeer aagha ghazal : बादल छटे तो रात का हर ज़ख़्म वा हुआ आँसू रुके तो आँख में महशर बपा...

तुझसे अब और मुहब्बत नहीं की जा सकती

Noshi Gilani Shayari तुझसे अब और मुहब्बत नहीं की जा सकती, ख़ुद को इतनी भी अज़ीयत नहीं दी जा सकती...

Birthday Special: इस दौर के सबसे मक़बूल शायरों में से एक राहत इन्दौरी; ‘हमारे पाँव का काँटा हमीं से निकलेगा’

Rahat Indori Birthday Special इस दौर के सबसे मक़बूल शायरों में से एक राहत इन्दौरी साहब का आज जन्मदिन है....

मौजूदा दौर में ग़ालिब सिर्फ़ स्टेटस सिम्बल की तरह है: पराग अग्रवाल

Ghalib Ke Baare Mein Parag Agrawal "हैं और भी दुनिया में सुख़न-वर बहुत अच्छे, कहते हैं कि 'ग़ालिब' का है...