दो शाइर, दो ग़ज़लें (23): राजेन्द्र मनचंदा बानी और अहमद फ़राज़
(अहमद फ़राज़ मनचंदा बानी) राजेन्द्र मनचंदा "बानी" की ग़ज़ल ऐ दोस्त मैं ख़ामोश किसी डर से नहीं था क़ाइल ही...
Shayari
‘साहित्य दुनिया’ के ज़रिए कोशिश ये है कि लोगों की रूचि साहित्य और भाषा में बढ़े। ये साहित्य और भाषा से जुड़ी बातों को बड़े-बड़े और गम्भीर वाक्यों से न समझाकर उसे सरल, बोलचाल की भाषा में आम जन तक पहुँचाने का प्रयास है।
(अहमद फ़राज़ मनचंदा बानी) राजेन्द्र मनचंदा "बानी" की ग़ज़ल ऐ दोस्त मैं ख़ामोश किसी डर से नहीं था क़ाइल ही...
Majaz Shayari Hindi असरार उल हक़ 'मजाज़' की नज़्म: बोल! अरी ओ धरती बोल! बोल! अरी ओ धरती बोल! राज...
असग़र गोंडवी अल्लामा इक़बाल असग़र गोंडवी की ग़ज़ल: जीने का न कुछ होश न मरने की ख़बर है जीने का...
Parveen Shakir Shayari उर्दू की बेहतरीन ग़ज़लें (रदीफ़ और क़ाफ़िए की जानकारी के साथ) मिर्ज़ा ग़ालिब की ग़ज़ल घर हमारा...
Majrooh Sultanpuri Ki Ghazal ग़ज़ल 1 डरा के मौज ओ तलातुम से हम-नशीनों को यही तो हैं जो डुबोया किए...
Habib Jalib Shayari Hindi हबीब जालिब की नज़्म- औरत बाज़ार है वो अब तक जिस में तुझे नचवाया दीवार है वो...
Top 10 Urdu Sher 1. आग थे इब्तिदा-ए-इश्क़ में हम अब जो हैं ख़ाक इंतिहा है ये मीर तक़ी मीर...
Dushyant Kumar Shayari दुष्यंत कुमार की ग़ज़ल: ये जो शहतीर है पलकों पे उठा लो यारो ये जो शहतीर है...
Kaifi Azmi Shayari Hindi कैफ़ी आज़मी की नज़्म- दाएरा रोज़ बढ़ता हूँ जहाँ से आगे, फिर वहीं लौट के आ जाता...
Qateel Shifai Daagh Dehlvi क़तील शिफ़ाई की ग़ज़ल: दिल पे आए हुए इल्ज़ाम से पहचानते हैं दिल पे आए हुए...